पब्लिक वाणी खास खबर : अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से बनाएंगे 700 मकान, दीपड़ी में BMC करेगा प्रोजेक्ट
Public Vani Khas Khabar : शुरुआती योजना के मुताबिक इसमें से 1.56 हेक्टेयर पर आवास निर्माण के साथ पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट जैसा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। बाकी 1.47 हेक्टेयर डेवलपर को दी जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिरप से हाउसिंग प्रोजेक्ट किया जाएगा। भोजपुर रोड पर दीपड़ी में 700 से अधिक ईडब्ल्यूएस मकान बनाए जाएंगे। यह झुग्गीवासियों के लिए न होकर आर्थिक तौर से कमजोर अन्य तबके के लिए रहेंगे। इस प्रोजेक्ट में निजी डेवलपर मकानों का निर्माण करेगा। इसका खर्च निकालने के लिए उसे जमीन दी जाएगी, जिस पर वह निर्माण कर बेच सकेगा।
दीपड़ी में 3.03 हेक्टेयर जमीन भोपाल नगर निगम को हाउसिंग फॉर ऑल 2.0 प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है। शुरुआती योजना के मुताबिक इसमें से 1.56 हेक्टेयर पर आवास निर्माण के साथ पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट जैसा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। बाकी 1.47 हेक्टेयर डेवलपर को दी जाएगी।
यह भूमि फ्रीहोल्ड होगी और डेवलपर का इस पर मालिकाना हक होगा। योजना पर 90.88 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें से 56.32 करोड़ रुपए की व्यवस्था हितग्राहियों से की जाएगी। बाकी 34.56 करोड़ रुपए का इंतजाम डेवलपर उसे मिली जमीन पर किए निर्माण को बेच कर
सकेगा।
आधे भी नहीं बन पाए, इसलिए पड़ी जरूरत
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) जून, 2015 में लॉन्च की गई थी। अब 11 साल से अधिक बीत चुके हैं और योजना का दूसरा फेज आ चुका है। नगर निगम तय टारगेट के मुकाबले आधे मकानों का भी निर्माण नहीं कर पाया है। शुरुआत में जमीन आवंटन की समस्या आई। कुछ ऐसे स्थानों पर भूमि दे दी गई जो निगम सीमा के ही बाहर थी। बाणगंगा की झुग्गी बस्ती की जगह मल्टी स्टोरी इमारतों का प्रोजेक्ट छोटे-बड़े झाड़ का जंगल होने की वजह से उलझा गया। कुछ मामलों में आवंटित जमीन पार्क की निकली। ऐसे में वहां कार्य शुरू नहीं किया जा सका। इसके अलावा फंड की कमी भी बड़ी समस्या रही।
सर्वाधिक ईडब्ल्यूएस मकान बनाए जाना है। इसमें दिक्कत यह है कि केंद्र व राज्य मिल कर एक ईडब्ल्यूएस के लिए कुल तीन लाख रुपए मुहैया करा रहे है जबकि निर्माण पर छह लाख रुपए से अधिक खर्च हो रहा है। अंतर की राशि की व्यवस्था नगर निगम को करना पड़ रही है। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे निगम के लिए ऐसा कर पाना मुश्किल हो रहा है।
स्मार्ट सिटी में मिक्स डेवलपमेंट का प्रोजेक्ट उलझा
टीटी नगर स्थित स्मार्ट सिटी के प्लॉट नंबर 47 व 49 पर मिक्स डेवलपमेंट की योजना बनाई गई। यानि आवासीय के साथ व्यवसायिक निर्माण किया जाना था। पहले भौपाल स्मार्ट सिटी यह प्रोजेक्ट कर रहा था। शुरुआती योजना के मुताबिक प्लॉट नंबर 47 पर 96 फ्लैट और 76 दुकानें बनाई जाती।
वहीं प्लॉट नं 49 पर 144 मकान और 112 दुकानों का निर्माण किया जाता। इस तरह दोनों प्लॉट पर कुल 240 फ्लैट और 188 दुकानें बनाई जाना थी। फिर नगर निगम ने हाउसिंग फॉर ऑल में यह प्रोजेक्ट करने की योजना बनाई। इस पर 110 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को ऊपर से हरी झंडी नहीं मिल पाई।
52 हजार से अधिक का टारगेट
प्रदेश में हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत 406 नगरीय निकायों की 1927 परियोजनाओं में 784913 ईडब्ल्यूएस मकान स्वीकृत किए गए हैं। वहीं क्रेडिट लिंक सब्सिडी घटक में छह लाख से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है। एचएफए 1.0 में भोपाल नगर निगम को लगभग 52 हजार आवास बनाने का टारगेट दिया गया था। इसमें ईडब्ल्यूएस के साथ एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी शामिल थे। इससे हट कर स्वतंत्र डुप्लेक्स और प्लॉट भी योजना में विकसित किए गए।

