Dewas News: देवास के दो गांवों में 20 दिन में 13 मौतों से हड़कंप, जहरीली शराब का आरोप; प्रशासन ने किया इनकार
मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में 20 दिनों के भीतर 13 मौतों से सनसनी फैल गई है। परिजनों ने जहरीली शराब का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इससे इनकार किया है। आखिर क्या है इन मौतों का सच?
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में करीब 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने जहरीली शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई है। उनका दावा है कि शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें उल्टी, चक्कर आने तथा आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसी समस्याएं हुईं।

हालांकि, जिला प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में लगातार हुई मौतों के वास्तविक कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
20 दिनों में 13 मौतें, दो गांवों में दहशत
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांव में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, चंदाना गांव में 9 और बिंजाना में 4 लोगों की जान गई। मृतकों में ज्यादातर मजदूरी करने वाले लोग शामिल थे। ग्रामीणों का दावा है कि इनमें से कई लोग नियमित रूप से शराब पीते थे और शराब पीने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी। कुछ लोगों को उल्टियां होने लगीं, जबकि कुछ ने चक्कर आने और दिखाई देना कम होने की शिकायत की। लगातार हुई मौतों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, सभी मौतों का कारण जहरीली शराब होना अभी साबित नहीं हुआ है।
चार दोस्तों ने साथ पी थी शराब, अगले दिन मौत का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, 15 अक्टूबर को चंदाना गांव में दीपक रावत (28), जितेंद्र (35), ओमप्रकाश (35) और भीमा (55) ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। दावा है कि अगले दिन चारों की मौत हो गई। वहीं, शराब पीने के बाद बीमार हुए कैलाश प्रजापत और संजय को इलाज के लिए इंदौर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, संजय की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई थी और उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ अन्य मृतकों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दिए थे। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे जहरीली शराब थी या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने जहरीली शराब के आरोपों को किया खारिज
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जहरीली शराब से मौत होने के दावों को भ्रामक बताया है। प्रशासन का कहना है कि मौतों के पीछे अन्य बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच में शराब में जहरीले तत्व मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने पूर्व में हुई जांच का हवाला देते हुए अत्यधिक शराब सेवन और कई अंगों के काम करना बंद करने की बात कही है। हालांकि, इन निष्कर्षों से सभी 13 मौतों का कारण एक समान होना साबित नहीं होता। दूसरी ओर, मृतकों के परिजन प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
गांव के पूर्व सरपंच सुनील पटेल ने भी लगातार हुई मौतों को गंभीर मामला बताया है। उनका कहना है कि एक ही दिन में चार लोगों की मौत होना और अन्य लोगों में उल्टी, चक्कर तथा आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसी शिकायतें सामने आना चिंता का विषय है। मृतकों के परिजनों ने भी शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है। ग्रामीणों ने शराब की बिक्री और आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौतों के वास्तविक कारण सामने आने चाहिए और यदि किसी तरह की लापरवाही या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, सभी 13 मौतों का जहरीली शराब से संबंध आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।

