3 साल के बेटे को लेकर बागेश्वर धाम से मैहर तक 150 KM पैदल चला परिवार, 6 दिन बाद मां शारदा के दरबार पहुंचा

झांसी का परिवार तीन साल के बेटे के साथ बागेश्वर धाम से करीब 150 किमी पैदल चलकर मैहर पहुंचा. रास्ते में बैग से 1500 रुपए चोरी हुए, स्थानीय लोगों ने मदद की.

3 साल के बेटे को लेकर बागेश्वर धाम से मैहर तक 150 KM पैदल चला परिवार, 6 दिन बाद मां शारदा के दरबार पहुंचा

मैहर: मां शारदा के प्रति आस्था और नवरात्रि के व्रत का संकल्प लेकर झांसी का एक परिवार अपने तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर पैदल चलकर मैहर पहुंचा. बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा को पूरा करने में परिवार को छह दिन लगे. सफर के दौरान परिवार के बैग से 1500 रुपए चोरी हो गए, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं. इसके बावजूद परिवार ने अपनी यात्रा जारी रखी और मां शारदा के दरबार तक पहुंचा.

परिवार मंगलवार को मैहर के आल्हा तालाब पहुंचा. यहां स्थानीय लोगों को जब उनकी कठिन यात्रा और आर्थिक परेशानी के बारे में पता चला, तो उन्होंने फल और अन्य खाद्य सामग्री देकर मदद की. तीन साल के बच्चे के साथ इतनी लंबी दूरी पैदल तय करने वाले इस परिवार की कहानी चर्चा में है. 

झांसी से निकला परिवार, 6 दिन में पूरी की यात्रा

झांसी के बड़ा बाजार निवासी पवन कुशवाहा (26), उनकी पत्नी कामिनी कुशवाहा और तीन साल का बेटा अंश इस यात्रा पर निकले हैं. पवन ने बताया कि पति-पत्नी दोनों नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. इसी आस्था के चलते उन्होंने पैदल चलकर मां शारदा के दर्शन करने का संकल्प लिया.

परिवार बागेश्वर धाम से पैदल रवाना हुआ और करीब 150 किलोमीटर का सफर तय कर मैहर पहुंचा. यात्रा के दौरान छोटे बच्चे को साथ लेकर चलना परिवार के लिए बड़ी चुनौती रहा.

रास्ते में बैग से चोरी हुए 1500 रुपए

पवन कुशवाहा के मुताबिक, वह घर से करीब 1500 रुपए लेकर निकले थे, ताकि रास्ते में जरूरत पड़ने पर खाने-पीने का सामान खरीद सकें. सफर के दौरान थकान होने पर परिवार सड़क किनारे आराम करने के लिए रुका था। इसी दौरान रात में किसी ने उनके बैग से पैसे निकाल लिए. पैसे चोरी होने के बाद परिवार के सामने खाने-पीने की व्यवस्था करना और मुश्किल हो गया. हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने यात्रा बीच में नहीं छोड़ी और मां शारदा के दर्शन करने के अपने संकल्प पर आगे बढ़ते रहे.

सुबह पानी, शाम को फलाहार; बच्चे को बिस्किट खिलाकर चल रहे

पवन ने बताया कि वह और उनकी पत्नी नवरात्रि के व्रत के चलते सुबह से कुछ नहीं खाते और पानी पीकर रहते हैं. शाम को रास्ते में जहां फल मिल जाते हैं, उनसे फलाहार कर लेते हैं.

वहीं, तीन साल के बेटे अंश को बिस्किट और रास्ते में उपलब्ध होने वाली खाने-पीने की चीजें खिलाकर यात्रा कराई जा रही है. छोटे बच्चे के साथ लंबी दूरी तय करना आसान नहीं था, लेकिन परिवार ने अपनी यात्रा जारी रखी.

आल्हा तालाब में लोगों ने की मदद

छह दिन की पैदल यात्रा के बाद परिवार मंगलवार को मैहर के आल्हा तालाब पहुंचा. वहां मौजूद लोगों को जब उनकी परेशानी के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने परिवार को फल और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई.

स्थानीय लोगों की मदद मिलने के बाद परिवार मां शारदा मंदिर में दर्शन करने के लिए रवाना हुआ. लंबी यात्रा, पैसों की कमी और छोटे बच्चे की जिम्मेदारी के बीच परिवार ने अपना संकल्प पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए.

मां शारदा के दर्शन के बाद वापस जाएगा परिवार

पवन कुशवाहा ने बताया कि मां शारदा के दर्शन करने के बाद उनका परिवार वापस बागेश्वर धाम जाएगा. नौ दिनों के व्रत और पैदल यात्रा का संकल्प लेकर निकले इस परिवार ने करीब 150 किलोमीटर का सफर तय किया.

आस्था के इस सफर में परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद ने उनकी राह कुछ आसान कर दी.