मैहर नवरात्र मेला: मां शारदा के दरबार में उमड़े श्रद्धालु, 70 हजार से ज्यादा लोगों ने किए दर्शन
मां शारदा के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़: पैदल मार्ग से पहुंचे 68,500 श्रद्धालु, 14 अक्टूबर सुबह 11 बजे तक 71,570 ने किए दर्शन
मैहर। शारदीय नवरात्र के दौरान त्रिकूट पर्वत पर विराजित मां शारदा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सुबह 11 बजे तक कुल 71,570 श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन कर चुके थे। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात है।
पैदल मार्ग से पहुंचे सबसे ज्यादा श्रद्धालु
14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, पैदल मार्ग से 68,500 श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, वैन मार्ग से 870 और रोपवे के जरिए 2,200 श्रद्धालुओं ने मंदिर तक पहुंचकर दर्शन किए। इस तरह सुबह 11 बजे तक कुल दर्शनार्थियों की संख्या 71,570 दर्ज की गई।

नवरात्र के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त मैहर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
महिलाओं, बुजुर्गों-दिव्यांगों की मदद में जुटी पुलिस
नवरात्र मेले में तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे हैं। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को दर्शन के दौरान सुविधा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए बढ़ाया गया पुलिस बल
मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। इससे पहले रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत और डीआईजी हेमंत चौहान ने मैहर पहुंचकर मां शारदा के दर्शन किए और मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था।

इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल से अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया गया। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर रीवा से एक उप पुलिस अधीक्षक सहित 100 आरक्षकों को मेला ड्यूटी में तैनात किया गया है। प्रशासन और पुलिस का प्रयास है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मां शारदा के दर्शन कराए जा सकें।
Varsha Shrivastava 
