किसान पुत्र ध्रुव ने बढ़ाया जिले का मान: राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में जीते दो स्वर्ण और एक रजत पदक

मऊगंज के खर्रा विद्यालय के छात्र ध्रुव शुक्ला ने शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।

किसान पुत्र ध्रुव ने बढ़ाया जिले का मान: राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में जीते दो स्वर्ण और एक रजत पदक

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज।

मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खर्रा के कक्षा 10वीं के छात्र ध्रुव शुक्ला ने राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में इतिहास रच कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ध्रुव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं, 4×100 मीटर रिले दौड़ में टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता। इस तरह ध्रुव ने एक ही प्रतियोगिता में तीन पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया।

किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं ध्रुव

ध्रुव शुक्ला एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता रामदीन शुक्ला खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद ध्रुव ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। आधुनिक खेल सुविधाओं और महंगे उपकरणों की कमी भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकी।

कोच सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में मिली सफलता

ध्रुव की इस उपलब्धि में विद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी एवं कोच सौरभ त्रिपाठी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच ध्रुव को नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल तकनीक का प्रशिक्षण दिया। उनके मार्गदर्शन और ध्रुव की निरंतर मेहनत का परिणाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तीन पदकों के रूप में सामने आया।

ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणा

ध्रुव शुक्ला की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा करने से पीछे हट जाते हैं। उनकी उपलब्धि बताती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और उचित मार्गदर्शन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

ध्रुव की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जाहिर की। सभी ने ध्रुव शुक्ला और उनके कोच सौरभ त्रिपाठी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।