MP Weather Update: ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में ग्वालियर, उज्जैन समेत 21 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना। 18-19 अक्टूबर को रीवा, मऊगंज, सिंगरौली समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम।

MP Weather Update: ग्वालियर-उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम

MP Weather Update : मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर, उज्जैन समेत 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई संभागों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। इसका असर ग्वालियर, चंबल, उज्जैन के साथ सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में भी देखने को मिल सकता है।

इन जिलों में बारिश और आंधी की संभावना

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, शनिवार को ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में मौसम खराब रहने का अनुमान है।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

18 और 19 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से 18 और 19 अक्टूबर को भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में वर्षा का अनुमान है। 20 अक्टूबर से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में तेज बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

गुरुवार को इन जिलों में दर्ज हुई बारिश

इससे पहले गुरुवार को श्योपुर, भिंड, मुरैना, नीमच और मंदसौर में बारिश दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम में बदलाव बना रहा।

बारिश के बीच कुछ शहरों और क्षेत्रों में रात का तापमान भी नीचे आया है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 17.4 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, करौंदी में 18 डिग्री और बैतूल में 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून

मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण अक्टूबर में बारिश जारी है। प्रदेश में दिन के समय धूप और गर्मी, रात में ठंडक तथा कुछ इलाकों में बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान गर्मी, बारिश और ठंडक तीनों तरह की परिस्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी मौसम का यही बदला हुआ रूप नजर आ रहा है।

इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश

जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह करीब 35.8 इंच है, जबकि प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच है। इस तरह कुल बारिश सामान्य से करीब 1.5 इंच कम रही।

क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 12 प्रतिशत कम वर्षा हुई।

पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक रहा। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में भी सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

मानसून सीजन के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो गया था।

दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

जून में कम बारिश से बिगड़ा मौसमी आंकड़ा

मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी वर्षा से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने के कारण कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं।

मानसून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसमी सिस्टम के बावजूद शुरुआती कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बाद भी जून में हुई कम वर्षा का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर बना रहा।

फिलहाल, अक्टूबर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।