पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने CM डॉ.मोहन यादव को नरयावली आने का दिया न्योता: कर्रापुर-मकरोनिया में भ्रष्टाचार के आरोप
पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने CM मोहन यादव से नरयावली आने की अपील की। कर्रापुर और मकरोनिया के नगरीय निकायों में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की।
Sagar News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औचक निरीक्षण कर जिलों में व्यवस्थाओं की समीक्षा करने संबंधी बयान पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सुरेंद्र चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र में आने का न्योता देते हुए नगर परिषद कर्रापुर और नगर पालिका मकरोनिया में कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।
सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री को क्षेत्र में आकर नगरीय निकायों की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय निकायों से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
जनविश्वास शिविर और जनसुनवाई पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हैं। इसके बावजूद कर्रापुर में आयोजित जनविश्वास शिविर, कलेक्टर की जनसुनवाई और कलेक्टर व कमिश्नर के समक्ष दिए गए कई आवेदनों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनके मुताबिक, इससे जनविश्वास शिविर और जनसुनवाई में त्वरित निराकरण के दावे सवालों के घेरे में हैं।
कर्रापुर नगर परिषद में अनियमितताओं की जांच की मांग
सुरेंद्र चौधरी ने नगर परिषद कर्रापुर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों, पार्षदों और उनके परिजनों द्वारा कथित तौर पर ठेकेदारी किए जाने, वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय कार्यों में अनधिकृत हस्तक्षेप के आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग सहित इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद में मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 और वित्तीय नियमों के विपरीत काम किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए।
मकरोनिया CMO से जुड़े मामले पर भी सवाल
पूर्व मंत्री ने नगर पालिका परिषद मकरोनिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) पवन शर्मा से जुड़े कथित वीडियो प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने के बदले आठ लाख रुपये मांगे जाने संबंधी मामला सामने आया था। चौधरी ने सवाल उठाया कि संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, सागर संभाग के प्रतिवेदन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
उन्होंने मकरोनिया नगर पालिका में ठेकेदार से भुगतान के बदले रुपये मांगने और अन्य कार्यों के भुगतान को लेकर सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
खरीद और भुगतान प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
सुरेंद्र चौधरी ने नगरीय निकायों में खरीद, निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए एक प्रकाशित समाचार का हवाला दिया। उनके मुताबिक, समाचार में दो लाख रुपये के कचरा वाहन को छह लाख रुपये में खरीदे जाने का मामला उठाया गया था।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, तो शासन और प्रशासन को गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। चौधरी ने चेतावनी दी कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
नोट: इस खबर में भ्रष्टाचार, रिश्वत की मांग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

