Abhinav Barolia : पानी नगर निगम का, पैसा जनता का, फिर निजी एजेंसी का मुनाफा क्यों? अभिनव बरोलिया का सवाल
Abhinav Barolia : बरोलिया ने खबरों का हवाला देते हुए बताया कि नगर निगम निजी एजेंसियों को 17 रुपये प्रति हजार लीटर की दर से पानी उपलब्ध कराएगा। लेकिन ये एजेंसियां उपभोक्ताओं से 20 से 22 रुपये प्रति हजार लीटर तक वसूल सकेंगी।
Abhinav Barolia : भोपाल। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया (माली) ने भोपाल नगर निगम द्वारा जल वितरण और जलकर वसूली की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को सौंपने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला कदम बताया। बरोलिया ने कहा कि यह फैसला जनता के हितों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
निजी एजेंसियों को अतिरिक्त मुनाफा क्यों?
बरोलिया ने प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए बताया कि नगर निगम निजी एजेंसियों को 17 रुपये प्रति हजार लीटर की दर से पानी उपलब्ध कराएगा। लेकिन ये एजेंसियां उपभोक्ताओं से 20 से 22 रुपये प्रति हजार लीटर तक वसूल सकेंगी।
उन्होंने सवाल किया कि पानी नगर निगम का है और पूरा ढांचा जनता के टैक्स के पैसे से बना है। फिर बीच में निजी एजेंसियों को लाकर अतिरिक्त वसूली क्यों की जा रही है। क्या सरकार जनता को राहत देना चाहती है या कंपनियों के लिए कमाई के नए रास्ते खोलना चाहती है।
बुनियादी जरूरत पर अतिरिक्त बोझ गलत
राजधानी भोपाल की जनता पहले ही महंगाई, बढ़ते बिजली बिल और संपत्ति कर से परेशान है। ऐसे में पानी जैसी जरूरी चीज पर अतिरिक्त शुल्क लगाना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के खिलाफ है। बरोलिया ने निजी एजेंसियों को बकाया जलकर के नाम पर नल कनेक्शन काटने का अधिकार दिए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पानी कोई विलासिता नहीं बल्कि हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है। क्या अब गरीब परिवारों को भी निजी एजेंसियों की शर्तों पर पानी के लिए निर्भर रहना पड़ेगा।
नगर निगम की जिम्मेदारी से बचने का तरीका
अगर नगर निगम खुद जल वितरण, रखरखाव और वसूली नहीं कर पा रहा है तो यह उसकी प्रशासनिक कमजोरी है। इस कमजोरी की कीमत भोपाल की जनता से वसूलना किसी भी हाल में सही नहीं है। बरोलिया ने नगर निगम से स्पष्ट जवाब मांगा कि निजी व्यवस्था में जनता के हित कैसे सुरक्षित रहेंगे। अतिरिक्त शुल्क का आधार क्या है और शिकायतों का समाधान कौन करेगा।
तत्काल पुनर्समीक्षा की मांग
अभिनव बरोलिया ने भाजपा सरकार और भोपाल नगर निगम से मांग की कि इस फैसले की तुरंत समीक्षा की जाए। जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली व्यवस्था वापस ली जाए और निजी एजेंसियों को दिए जा रहे अधिकारों को सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा कि भोपाल की जनता को महंगाई से राहत चाहिए न कि हर बुनियादी सुविधा पर नया आर्थिक दबाव। पानी उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसे निजी मुनाफे का जरिया नहीं बनने दिया जाना चाहिए। अगर जनता के हितों की अनदेखी की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी।

