अमेरिका में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर हिमांशु भाऊ: नीरज फरीदपुरिया भी पकड़ा गया; 30 से ज्यादा आपराधिक मामलों में नाम

गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। उसके साथ नीरज फरीदपुरिया भी पकड़ा गया। जानिए दोनों का आपराधिक इतिहास, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और भारत प्रत्यर्पण से जुड़ी जानकारी।

अमेरिका में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर हिमांशु भाऊ: नीरज फरीदपुरिया भी पकड़ा गया; 30 से ज्यादा आपराधिक मामलों में नाम

Gangster Himanshu Bhau : अमेरिका में भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने हिमांशु भाऊ को गिरफ्तार किया है। उसके साथ हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और अन्य संगीन आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

हिमांशु भाऊ के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। वहीं, नीरज फरीदपुरिया पर भी हत्या, रंगदारी और अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

2023 में हिमांशु भाऊ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस

हिमांशु भाऊ की तलाश भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से कर रही थीं। उसके खिलाफ साल 2023 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा पुलिस ने हिमांशु भाऊ पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमें अमेरिका में उसकी तलाश कर रही थीं। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर लास वेगास में उसके ठिकाने का पता लगाया गया। इसके बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी दी गई और गुरुवार शाम उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई।

17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में आया हिमांशु भाऊ

हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु उर्फ भाऊ रिटोलिया बताया जाता है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है। उसका जन्म 2002 में हुआ था और उसने कथित तौर पर 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा।

बताया जाता है कि उसने रोहतक की सब्जी मंडी इलाके में जबरन वसूली से शुरुआत की थी। साल 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से करीब 20 अन्य लड़कों के साथ फरार हो गया था। इसके बाद उसका नाम कई आपराधिक घटनाओं में सामने आया।

हिमांशु भाऊ साल 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के बाद चर्चा में आया था। उस पर व्यापारियों, शराब ठेकेदारों और प्रॉपर्टी कारोबारियों से रंगदारी मांगने तथा डराने के लिए गोलीबारी करवाने के आरोप हैं।

एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग में भी नाम

साल 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ के गिरोह द्वारा लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके अलावा दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या और कार शोरूम पर गोलीबारी जैसी घटनाओं में भी उसके गिरोह का नाम सामने आया था।

हिमांशु भाऊ पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। उसके गिरोह की गतिविधियां दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई क्षेत्रों में होने की बात कही जाती है।

नीरज फरीदपुरिया का भी है आपराधिक इतिहास

हिमांशु भाऊ के साथ पकड़े गए नीरज फरीदपुरिया का नाम भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हत्या, रंगदारी, मारपीट और अवैध वसूली समेत 25 से ज्यादा मामले दर्ज बताए जाते हैं।

नीरज फरीदपुरिया का नाम साल 2024 में दिल्ली के आया नगर में हुई हत्या के मामले में भी सामने आया था। इस घटना में 70 से ज्यादा गोलियां चलाए जाने की बात रिपोर्ट्स में कही गई है। इसके अलावा, साल 2019 में फरीदाबाद में कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

नीरज को साल 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में उसे हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जबकि 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। बाद में उसके विदेश चले जाने की जानकारी सामने आई।

रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि नीरज फरीदपुरिया इस साल जमानत पर रिहा होने के बाद अपने टखने में लगा निगरानी ट्रैकर हटाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी

हिमांशु भाऊ के संबंध नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से बताए जाते हैं, जबकि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के साथ उसकी दुश्मनी की बात कही जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह विदेश में रहकर अपने गिरोह का नेटवर्क संचालित करता था।

गिरोह के सदस्यों पर वर्चुअल नंबर और सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबारियों से संपर्क कर रंगदारी मांगने के आरोप भी लगे हैं।

NIA और पुलिस एजेंसियां कर रही थीं तलाश

हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की तलाश दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई एजेंसियां कर रही थीं। दोनों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच की जा रही थी।

अमेरिका में दोनों की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर है।