फिशरीज कॉन्क्लेव 2026 : मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा, भोपाल में राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन का शुभारंभ
National Fisheries Conclave 2026 : सरकार के अनुसार, इस क्षेत्र में 910 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। मत्स्य निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 के माध्यम से निवेशकों को प्रोत्साहित करने की पहल की गई है।
National Fisheries Conclave 2026 : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। सम्मेलन का उद्देश्य मत्स्य पालन के क्षेत्र में निवेश, निर्यात और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
4.45 लाख टन तक पहुंचा मत्स्य उत्पादन
मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन का क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मत्स्य उत्पादन 4.45 लाख टन दर्ज किया गया। सरकार के अनुसार, इस क्षेत्र में 910 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। मत्स्य निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 के माध्यम से निवेशकों को प्रोत्साहित करने की पहल की गई है। इन प्रयासों से मछुआरों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका का विमोचन
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मध्यप्रदेश मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका-2026 का सिंगल क्लिक के माध्यम से विमोचन किया। इस मार्गदर्शिका का उद्देश्य मत्स्य पालन और निर्यात से जुड़े निवेशकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में अंतर्देशीय राज्यों की मत्स्य निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी विमोचन किया गया।


जलाशयों के विकास पर सरकार का जोर
कार्यक्रम में जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से जुड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति भी हस्तांतरित की गई। हलाली जलाशय में 316 केज वाले भोपाल क्लस्टर को मत्स्य पालन के विस्तार की प्रमुख पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, बजट 2026-27 में 88.25 करोड़ रुपये की लागत से 49 जलाशयों और पांच अमृत सरोवरों के विकास का प्रावधान किया गया है।

