मैहर शारदेय नवरात्र मेला: 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, सुरक्षा में 650 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
मैहर मां शारदा मंदिर में शारदेय नवरात्र मेले की तैयारी पूरी। 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना, 650 से ज्यादा पुलिसकर्मी, ड्रोन, CCTV और विशेष यातायात व्यवस्था।
मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर में शारदेय नवरात्र मेले की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए नौ दिनों के दौरान देशभर से 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। नवरात्र के पहले दिन ही दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई की व्यापक तैयारियां की हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आठ जिलों से 650 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) की चार कंपनियां भी तैनात की गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल में मां शारदा के दर्शन कराना और मेले की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना है।
ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी
नवरात्र मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। भीड़ में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मेला क्षेत्र में पुलिस पैदल गश्त करेगी, जबकि पहाड़ी मार्गों पर बाइक से पेट्रोलिंग की जाएगी। आसमान से निगरानी के लिए दो ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की गई है। वहीं, गर्भगृह से लेकर पूरे मेला क्षेत्र तक 125 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
नवरात्र के दौरान भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों के परिजनों से बिछड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
2 ASP और 8 DSP संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के अनुसार, आईजी कार्यालय की ओर से आठ जिलों के 500 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए मैहर भेजा गया है। इसके अतिरिक्त SAF की चार कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), आठ उप पुलिस अधीक्षक (DSP), 12 इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। गर्भगृह में तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि मेला क्षेत्र में दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है।
भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
नवरात्र मेले के दौरान भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए मैहर नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। नियमित यात्री बसों के लिए दो अतिरिक्त पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
चार पहिया वाहनों की पार्किंग फॉरेस्ट बैरियर के सामने निर्धारित की गई है। वहीं, पिकअप, ट्रैक्टर और टूरिस्ट बसों के लिए बस स्टैंड में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बस स्टैंड से फॉरेस्ट बैरियर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 50 ई-रिक्शा को परमिट जारी किए गए हैं।
रेलवे परिसर में ऑटो के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा 1,600 ऑटो की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनका क्रमांकन अनिवार्य किया गया है।
तेंदुए की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग अलर्ट
त्रिकूट पर्वत पर पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की गतिविधि देखे जाने के कारण पहाड़ी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जंगली जानवरों और अन्य जीव-जंतुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए वन विभाग के पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में दमकल वाहन और अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही 33 अग्निशमन सिलेंडरों की व्यवस्था भी की गई है।
पेयजल और चिकित्सा की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की है। 18 पंप घरों और 18 टैंकरों की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग स्थानों पर नि:शुल्क प्याऊ भी लगाए जाएंगे। सात स्थानों पर प्राथमिक उपचार केंद्र बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई के साथ रात में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए रोपवे का संचालन सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक होगा।
रेलवे ने 15 जोड़ी ट्रेनों को दिया अस्थायी ठहराव
नवरात्र के दौरान मैहर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने भी व्यवस्था की है। मैहर रेलवे स्टेशन पर 15 जोड़ी रेलगाड़ियों के अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की गई है। इससे दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भजन संध्या, गरबा और रामलीला होंगे आकर्षण
नवरात्र मेले के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। भजन संध्या, देवीगीत, गरबा, डांडिया और रामलीला के अलावा रंगोली, मेहंदी, चित्रकला और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं भी मेले का आकर्षण बढ़ाएंगी।
शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और मंदिर परिसर में विद्युत सजावट की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा से लेकर दर्शन, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता तक की तैयारियां की हैं। अब नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच इन व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

