CM Sagar Visit : दुबई से लौटते ही जहरीली शराब पीड़ितों से मिले CM डॉ. मोहन यादव, पुलिस को दिया फ्री हैंड

CM Meet Sagar Liquor Scandal Victim : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दुबई दौरे से वापस आ गए हैं। सीएम दिल्ली से होते हुए सीधे सागर के बंडा विधानसभा पहुंचे। बंडा में मरीज़ो और पीड़ित परिवारों से सीएम ने मुलाक़ात की।

CM Sagar Visit : दुबई से लौटते ही जहरीली शराब पीड़ितों से मिले CM डॉ. मोहन यादव, पुलिस को दिया फ्री हैंड

CM Meet Sagar Liquor Scandal Victim : सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दुबई दौरे से वापस लौट आए हैं। सीएम सुबह दुबई से दिल्ली पहुंचे और वहां से सीधे सागर जिले की बंडा विधानसभा के लिए रवाना हो गए। बंडा पहुंचकर मुख्यमंत्री ने शराब कांड से प्रभावित लोगों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम करीब 4 बजे बंडा पहुंचें। प्रशासनिक और राजनीतिक लिहाज से मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी अहम है। सीएम ने प्रभावित गांवों का दौरा और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद और राहत का भरोसा दिलाया।

जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस को फ्री हैंड देते हुए कहा कि आरोपितों के अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की जाए। दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जिससे भविष्य में कोई ऐसा करने का दुस्साहस न कर सके।

तीन दिन के दुबई दौरे पर थे सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीन दिवसीय दुबई दौरे पर थे। मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिहाज से उनका यह दौरा काफी अहम रहा। साथ ही यह दौरा AIM Congress 2026 से भी जुड़ा था। दुबई में मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस दौरान मध्य प्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। अब मुख्यमंत्री दुबई से दिल्ली लौटने के बाद सीधे सागर के बंडा पहुंचे। 

सागर शराब कांड की शुरुआत

यह पूरा मामला सागर जिले की बंडा तहसील से जुड़ा है। बीते सप्ताहांत में कई गांवों के लोगों ने कथित तौर पर जहरीली शराब पी, जिसके बाद कई लोगों की मौत हो गई। गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन समेत कई गांवों में यह घटना सामने आई। घटना के बाद कई लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अब तक करीब 28 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पोस्टमार्टम के बाद 13 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। वहीं, कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में जारी है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

मामले में अब तक कई अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच भी किया गया है। प्रशासन ने इलाके की 7 शराब दुकानों को सील करने की कार्रवाई की है। शराब के सैंपल भी लिए गए हैं। बंडा और विनायका थाने में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बंडा की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वह अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। लखेरा से शराब तैयार करने का तरीका और फार्मूला मिलने के बाद ही आरोपियों ने अवैध शराब बनाने का काम शुरू किया था।

मामले के एक अन्य आरोपी ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू पिता द्वारका सिंह राजपूत के खेत से पुलिस ने 164 क्वार्टर सागर गोल्ड प्लेन मदिरा, 27 लीटर अमानक शराब, निर्माण-पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला है। फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। बाकी 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम है।

कांग्रेस सरकार पर हमलावर

सागर शराब कांड को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में मौतों का वास्तविक आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और  विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ नेताओं ने मामले की न्यायिक जांच की मांग भी उठाई है। विपक्ष का आरोप है कि इलाके में अवैध शराब के कारोबार को प्रशासन का संरक्षण मिला हुआ था। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। 

सीएम ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि, ''सागर जहरीली शराब प्रकरण में गंभीर रूप से पीड़ित और बीमार लोगों से मैंने स्वयं अस्पताल जाकर मुलाकात की है। साथ ही, प्रशासन के साथ बैठक कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली है। हमारी सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कानून बनाया है। आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के साथ धारा 304 के तहत भी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। दोषियों के विरुद्ध हत्या जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक के प्रावधान किए गए हैं। हमने प्रशासन को इस मामले में पूरी तरह फ्री हैंड दिया है। इस प्रकरण में जो भी व्यक्ति लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध गतिविधियों और अवैध अतिक्रमण में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पूरे प्रदेश में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।''