Health Tips : पूजा घी और खाने वाले घी में क्या है अंतर? अनजाने में सेवन से सेहत को हो सकता है नुकसान
पूजा-पाठ और दीपक जलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला घी हमेशा खाने योग्य नहीं होता। पूजा घी और खाने वाले देसी घी की सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और उपयोग में क्या अंतर है? जानिए पूजा वाले घी के अनजाने में सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिम, असली घी की पहचान करने के तरीके और खरीदते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Health Tips: पूजा-पाठ और दीपक जलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला घी हमेशा खाने योग्य हो, यह जरूरी नहीं है। बाजार में पूजा के लिए बिकने वाले कुछ उत्पाद देखने में देसी घी जैसे लगते हैं, लेकिन उनकी सामग्री और निर्माण प्रक्रिया खाद्य घी से अलग हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि पूजा घी और खाने वाले शुद्ध देसी घी के बीच का अंतर समझें और खरीदते समय पैकेट पर लिखी जानकारी जरूर पढ़ें।
1. पूजा घी और खाने वाले देसी घी में क्या अंतर है?
खाने वाला शुद्ध देसी घी दूध, दही, मक्खन या क्रीम से प्राप्त वसा से बनाया जाता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, घी में दूध से प्राप्त वसा होनी चाहिए और उसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। वहीं, पूजा के लिए बिकने वाले उत्पादों का इस्तेमाल दीपक जलाने या धार्मिक कार्यों में करने के उद्देश्य से किया जा सकता है। कुछ उत्पादों में गैर-खाद्य वसा या दूसरी सामग्री हो सकती है। इसलिए केवल रंग, खुशबू या नाम देखकर यह न मानें कि पूजा वाला घी खाने के लिए भी सुरक्षित है।
2. पूजा वाले घी का सेवन करने से सेहत को क्या नुकसान हो सकता है?
यदि पूजा के लिए बना उत्पाद खाने योग्य नहीं है, तो उसका सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं। इसमें मौजूद सामग्री और उसकी गुणवत्ता के आधार पर पेट में परेशानी, मतली, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि उत्पाद में दूषित या अनुपयुक्त पदार्थ मौजूद हों, तो जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, हर पूजा घी से एक जैसे नुकसान होंगे, ऐसा नहीं कहा जा सकता। वास्तविक जोखिम उसकी सामग्री और गुणवत्ता पर निर्भर करता है। यदि गलती से इसका सेवन हो जाए और कोई परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। जानबूझकर इसे भोजन में इस्तेमाल न करें।
3. असली और खाने योग्य घी की पहचान कैसे करें?
घी खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद का नाम, सामग्री, निर्माता की जानकारी और इस्तेमाल का उद्देश्य ध्यान से पढ़ें। खाने के लिए बने उत्पाद पर खाद्य संबंधी लेबल और लागू खाद्य सुरक्षा विवरण देखें। भारत में पैक किए गए खाद्य उत्पादों पर एफएसएसएआई से संबंधित जानकारी भी जांची जा सकती है। सिर्फ पीला रंग, गाढ़ापन या खुशबू देखकर शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि घी की शुद्धता पर संदेह हो, तो मानकों के अनुरूप उत्पाद चुनें। पूजा के लिए खरीदे गए ऐसे उत्पाद पर यदि स्पष्ट रूप से लिखा हो कि यह खाने के लिए नहीं है, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।
4. पूजा और खाना बनाने के लिए अलग-अलग घी रखना क्यों जरूरी है?
पूजा के लिए खरीदे गए उत्पाद का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए करें, जिसके लिए उसे बनाया और बेचा गया है। दीपक जलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घी या अन्य तेल को खाने वाले घी के डिब्बे में न रखें। इससे गलती से गलत उत्पाद का इस्तेमाल होने की आशंका कम होती है। यदि किसी व्यक्ति ने गलती से गैर-खाद्य पूजा उत्पाद खा लिया है, तो उत्पाद का पैकेट संभालकर रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर को उसकी सामग्री दिखाएं। उल्टी कराने जैसे घरेलू उपाय खुद से न करें। सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि खाने के लिए केवल स्पष्ट रूप से खाद्य उपयोग के लिए बने और विश्वसनीय उत्पाद का ही इस्तेमाल किया जाए।

