Satna Conversion Case : बेटों - बेटी के साथ जेल भेजे गए पति- पत्नी

Satna Conversion Case :आर्थिक तंगी दूर करने का प्रलोभन, 6 दिन में धर्म परिवर्तन का दूसरा प्रकरण

Satna Conversion Case : बेटों - बेटी के साथ जेल भेजे गए पति- पत्नी

Satna Conversion Case : सतना, मध्य प्रदेश। सतना शहर के कोतवाली अन्तर्गत धवारी में धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन देने के आरोपों के बीच पुलिस ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता मौजूद रहे जिनके द्वारा नारेबाजी की जाती रही। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। जांच के उपरांत पुलिस ने धर्मान्तरण के लिए प्रेरित करने के आरोप में पति- पत्नी को दो बेटों के साथ गिरप्तार कर जेल भेज दिया। 

कार्रवाई के दौरान मिली धार्मिक किताबें 

इस संबंध में टीआई कोतवाली हेमंत शर्मा ने बताया कि थानान्तर्गत चांदमारी रोड गली नं. एक स्थित एक मकान में धर्मसभा आयोजित किए जाने की शिकायत बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने की। तत्काल पुलिस को मौके पर भेजा गया। कार्रवाई के दौरान उक्त मकान में काफी संख्या में लोग मिले। पुलिस को देख काफी संख्या में लोग चले गए। कार्रवाई के दौरान काफी संख्या में धार्मिक किताबें भी मिली।

धर्म बदलने दिया जा रहा था प्रलोभन

आशा चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसके पड़ोस में रामनरेश चौधरी का परिवार रहता है। उसका परिवार ईसाई धर्म अपना चुका है और वह प्रत्येक रविवार को घर में प्रार्थना सभा की आड़ में आसपास के लोगों को बुलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन दिया जाता है। बकौल आशा, उसके पति की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही है। 

इस पर रामनरेश और उसका परिवार चार साल से ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहा है। इनके द्वारा कहा जाता है कि इसाई धर्म अपनाने पर तबियत ठीक हो जाएगी और आर्थिक मदद भी की जाएगी। आशा ने बताया कि रविवार को उसे रामनरेश के परिवार ने घर बुलाया। यहां पर आयोजित प्रार्थना सभा में किताब देकर इसे पढ़कर परेशानियां दूर करने का हवाला देकर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया गया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। उक्त घर में 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। जिनमें से कुछ संदेहियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। जांच के उपरांत आरोपी रामनरेश चौधरी, उसकी पत्नी द्रोपदी चौधरी, बेटे सुखेन्द्र चौधरी, सुबेन्द्र चौधरी और बेटी लक्ष्मी उर्फ खुशबू चौधरी को आरोपी बनाया गया।

इनके विरुद्ध मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एवं गाली-गलौज व धमकी देने का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। 6 दिन पहले भी कोलगवां थानान्तर्गत टिकुरिया टोला में धर्मान्तरण की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए महिला समेत तीन लोगों को जेल भेजा था। 

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