अष्टभुजा धाम में सुरक्षा के दावों की खुली पोल : नवरात्रि मेले में दो बार पार हुए जेवर, पुलिस खंगाल रही फुटेज
Mauganj News : आस्था पर चोरों की नजर,तीसरी आंख बेबस, श्रद्धालुओं ने कहा दिखावे की सुरक्षा, अंदर खोखली व्यवस्था
नवरात्रि पर अष्टभुजा धाम में हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंच रहे हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और मेला कंट्रोल रूम सक्रिय होने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से उलट नजर आ रही है। शनिवार सप्तमी के दिन माता अष्टभुजा का दर्शन करने पहुंची एक महिला श्रद्धालु के गले से सोने की लॉकेट पार हो जाना पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मऊगंज कस्बा निवासी वृद्ध महिला अपने परिवार के साथ मंदिर में मां अष्टभुजा का दर्शन करने पहुंची इसी बीच भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने गले से लॉकेट गायब कर दी। घटना के बाद पीड़ित परिवार मेला कंट्रोल रूम पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में मंदिर के अंदर एक महिला संदिग्ध गतिविधि में दिखाई दी जिसकी तलाश की गई लेकिन मेला परिसर में कहीं भी नजर नहीं आई। उधर समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह सामान्य श्रद्धालु है या किसी गिरोह की सदस्य। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है।
चिंताजनक बात यह है कि यह पहली घटना नहीं है। बताया जा रहा है कि 14 अक्टूबर को भी इसी प्रकार मातारानी के दर्शन के दौरान एक श्रद्धालु के गले से सोने के जेवरात गायब हो गए थे। आरोप है कि उस घटना को दबा दिया गया और सार्वजनिक नहीं होने दिया गया, जिससे पुलिस और पीड़ित के अलावा किसी को जानकारी नहीं हो सकी। श्रद्धालुओं ने कहा यदि समय रहते उस घटना से सबक लेकर भीड़ प्रबंधन और निगरानी सख्त की गई होती तो शायद सप्तमी की घटना टल सकती थी।

सवाल उठता है कि जब मंदिर परिसर में सीसीटीवी की तीसरी आंख लगी है, पुलिस बल तैनात है, तो गर्भगृह के अंदर तक चोर कैसे पहुंच रहे हैं? क्या सीसीटीवी की मॉनिटरिंग केवल औपचारिकता है? क्या सादे कपड़ों में महिला पुलिस की तैनाती नहीं की गई है?
मेला प्रशासन का कहना है कि बार-बार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि महंगे जेवरात, कीमती मोबाइल लेकर दर्शन को न आएं। लेकिन अपील के साथ सुरक्षा देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। श्रद्धालु आस्था लेकर आ रहे हैं, उन्हें भय नहीं, सुरक्षा का भरोसा चाहिए। प्रशासन को आगाह होना होगा कि यदि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो आस्था के इस महापर्व पर सुरक्षा व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठ जाएगा।


