Mawa Buying Tips : फेस्टिव सीजन में नकली मावा का बाढ़! ऐसे करें असली और नकली की पहचान
Mawa Buying Tips : मिलावटी मावा सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है इसलिए त्योहारों के दौरान मावा खरीदते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है।
Mawa Buying Tips : त्योहारों का मौसम शुरू होते ही मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। मिठाई बनाने में मावे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। मांग बढ़ने के साथ बाजार में नकली या मिलावटी मावा आने की आशंका भी बढ़ जाती है। मिलावटी मावा सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है इसलिए त्योहारों के दौरान मावा खरीदते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है। हालांकि सिर्फ देखकर हर बार असली और नकली मावे की पहचान करना आसान नहीं होता। ऐसे में आइए जानते हैं मावा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें...

रंग और बनावट देखकर लगाएं शुरुआती अंदाजा
असली मावा आमतौर पर हल्के क्रीम या सफेद रंग का होता है। इसकी बनावट नरम रहती है। अगर मावा बहुत ज्यादा चमकदार, जरूरत से ज्यादा सफेद या असामान्य रंग का नजर आए तो सावधान रहें। मावे को हल्के हाथ से दबाकर भी उसकी बनावट देखी जा सकती है।
अगर वह बहुत ज्यादा रबड़ जैसा या असामान्य रूप से सख्त लगे तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है। हालांकि, केवल रंग और बनावट के आधार पर मावे को पूरी तरह असली या नकली नहीं माना जा सकता।

मावे की खुशबू पर भी दें ध्यान
असली मावे में दूध की हल्की और प्राकृतिक खुशबू आती है। अगर मावे से तेज केमिकल, साबुन जैसी या किसी अन्य तरह की अजीब गंध आ रही है तो उसे न खरीदें। खराब या मिलावटी मावे में कई बार दूध जैसी सामान्य खुशबू नहीं होती। फिर भी केवल खुशबू के आधार पर मावे की गुणवत्ता का अंतिम फैसला नहीं किया जा सकता। इसे सिर्फ शुरुआती संकेत के तौर पर देखना चाहिए।
स्वाद में बदलाव मिले तो न खरीदें
अगर दुकान पर मावा चखने की सुविधा उपलब्ध हो तो बहुत थोड़ी मात्रा लेकर उसका स्वाद जांच सकते हैं। सामान्य मावे में दूध जैसा स्वाद और हल्की मिठास होती है। अगर स्वाद कड़वा, साबुन जैसा या असामान्य लगे तो उसे खरीदने से बचें। मावा सामान्य से बहुत ज्यादा मीठा लगे तो भी सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी तरह का असामान्य स्वाद मिलने पर मावे की गुणवत्ता पर सवाल उठ सकता है।

आयोडीन से स्टार्च की शुरुआती जांच
मावे में स्टार्च की मिलावट का अंदाजा लगाने के लिए घर पर आयोडीन टेस्ट किया जा सकता है। इसके लिए थोड़े से मावे में पानी मिलाकर उसे गर्म करें और फिर ठंडा होने दें। इसके बाद मिश्रण में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें।
अगर मिश्रण नीला या नीला-काला होने लगे तो उसमें स्टार्च होने की संभावना हो सकती है। यह घरेलू तरीका केवल शुरुआती संकेत देता है। इसे मिलावट का अंतिम या पक्का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

भरोसेमंद दुकान या डेयरी से खरीदें
मावा खरीदते समय सबसे जरूरी बात उसकी जगह और स्रोत पर ध्यान देना है। कोशिश करें कि मावा किसी भरोसेमंद दुकान या डेयरी से ही खरीदें। बाजार में अगर कोई मावा सामान्य कीमत से बहुत सस्ता मिल रहा है तो उसकी गुणवत्ता को लेकर सावधानी बरतें।
पैक्ड मावा खरीदते समय पैकेट की तारीख, पैकिंग और दूसरी जरूरी जानकारी जरूर जांचें। मावे की गुणवत्ता पर किसी तरह का संदेह हो तो उसे खरीदने या खाने से बचना बेहतर है।

