राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल करेंगी ‘बस्तर पंडुम 2026’ का शुभारंभ

बस्तर की जीवंत और समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने जा रही है। 7 फरवरी से शुरू हो रहे तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल करेंगी ‘बस्तर पंडुम 2026’ का शुभारंभ

जगदलपुर: बस्तर की जीवंत और समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने जा रही है। 7 फरवरी से शुरू हो रहे तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगीं। राष्ट्रपति के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर पूरे बस्तर संभाग, विशेषकर जगदलपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर आदिवासी बहुल इस अंचल में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति, जो स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं, अपने दौरे के दौरान जल, जंगल और जमीन जैसे बस्तर के मूलभूत मुद्दों पर स्थानीय समुदाय से संवाद करेंगी। इस वर्ष बस्तर पंडुम को लेकर कलाकारों में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है।

54,745 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

आयोजकों के अनुसार इस साल 2026 में विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में 54,745 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। यह आंकड़ा बस्तर संभाग के सभी सात जिलों से सामने आया है। जिला स्तर पर हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कुल 84 दलों के 705 उत्कृष्ट कलाकारों का चयन किया गया है, जो अब संभाग स्तरीय आयोजन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

लोकगीत की गूंजेगी बस्तर की धरती

तीन दिनों तक बस्तर की धरती पारंपरिक नृत्यों की थाप, लोकगीतों की गूंज और स्थानीय व्यंजनों की खुशबू से सराबोर रहेगी। कार्यक्रम में कुल 12 अलग-अलग विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को तीन मुख्य स्तरों में विभाजित किया गया है। इसके साथ ही शहर की बाहरी सीमा पर एक आउटर कॉर्डन भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे।