नर्मदा की बदहाली पर कांग्रेस का हमला, साध्वी ऋचा गोस्वामी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश कांग्रेस धर्म एवं पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी ने नर्मदा नदी बदहाली का मुद्दा उठाया
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस धर्म एवं पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी ने नर्मदा नदी की दुर्दशा को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार नर्मदा को लेकर केवल दिखावटी घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
नालों का गंदा पानी नदी में मिलने से रोकने के लिए योजना नहीं
साध्वी ऋचा गोस्वामी ने आरोप लगाया कि आज तक नर्मदा नदी में नालों का गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए कोई ठोस और प्रभावी योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के प्लांट लाने में तो आतुर है, लेकिन आस्था और जीवनदायिनी नर्मदा की शुद्धता को लेकर पूरी तरह उदासीन है। उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ पर खुलेआम शराब और मांस की बिक्री जारी है, जो नर्मदा की धार्मिक मर्यादा और परंपराओं का सीधा उल्लंघन है। इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।

सरकार की 6 करोड़ वृक्षारोपण की घोषणा को भी कटघरे में
साध्वी ऋचा गोस्वामी ने सरकार की 6 करोड़ वृक्षारोपण की घोषणा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह दावा केवल कागजों तक सीमित रह गया है। नर्मदा के दोनों तटों पर वास्तविक रूप से वृक्षारोपण कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए बताया कि 112 और 181 हेल्पलाइन पर नर्मदा में अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान ही बंद कर दिया गया है, जिससे माफियाओं को खुली छूट मिल गई है।

इसके साथ ही चुटका और किंदरई क्षेत्र में नर्मदा तट से मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई। साध्वी ऋचा गोस्वामी ने आशंका जताई कि भविष्य में इस प्लांट का अवशिष्ट पदार्थ नर्मदा नदी में बहाने की तैयारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार नर्मदा से विभिन्न माध्यमों से करोड़ों रुपये का राजस्व वसूलती है। यदि सरकार ईमानदारी से इस राशि को नर्मदा के संरक्षण और विकास पर खर्च करे, तो नर्मदा नदी में सीवेज की एक बूंद भी नहीं मिले।
Varsha Shrivastava 
