केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया बोले- PM मोदी ने बदली बजट की परिभाषा, राजीव गांधी का 21वीं सदी का सपना नारे तक सीमित रहा
इंदौर। पूर्व पीएम राजीव गांधी ने 21वीं सदी के भारत की बात तो कि लेकिन यह केवल नारों तक ही सीमित रही। देश को 21वीं सदी तक कैसे पहुंचाना है उसकी कोई कार्ययोजना, प्लानिंग, प्रयास नहीं हुआ। लेकिन आज देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट की परिभाषा बदल दी है। उन्होंने पहले विजन तैयार किया, 5 साल का रोडमैप तैयार किया और अब बजट के जरिए उस रोडमैप के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रहे है। यह बात केंद्रीय श्रम, रोजगार व खेल व युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने कही। वे केंद्रीय बजट 2026-27 के बारे मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
आज इंदौर, मध्य प्रदेश में केंद्रीय बजट 2026-27 पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) February 10, 2026
प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी की सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है, जो विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।#ViksitBharatBudget pic.twitter.com/9GCYGAimjf
लोकसभा में भले ही केंद्रीय बजट 2026-27 पर बहस नहीं हो पा रही है। लेकिन केंद्रीय मंत्री और बड़े नेता बजट की विशेषताएं लेकर मीडिया के जरिए जनता तक पहुंच रहे हैं। इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया इंदौर संभागीय भाजपा कार्यालय पर मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने 21वीं सदी के भारत की बात जरूर की लेकिन उसे हासिल कैसे करना है? उसकी कोई कार्ययोजना, प्लानिंग, प्रयास नहीं हुआ। लेकिन आज पीएम नरेंद्र मोदी पूरी कार्ययोजना, गंभीर प्रयासों के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रहे हैं। उनकी कल्पना की झलक केंद्रीय बजट में भी नजर आती है.. जिसमें सभी सेक्टर के लिए अभूतपूर्व प्रावधान किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट की परिभाषा बदल दी। उन्होंने पहले विजन तैयार किया फिर 5 साल का रोडमैप तैयार किया और फिर उसे अमलीजामा पहनाने के लिए बजट के जरिए लक्ष्य को हासिल करना उनके प्रयासों की गंभीरता को बताता है।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर हुए सवाल पर केंद्र सरकार के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पहले बजट डेकोरेटिव रहता था कि किस सेक्टर को कितना मिला? पहले सामाजिक सुरक्षा को शामिल नहीं किया जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने हमेशा इसे प्राथमिकता पर रखा है। यूरोपीय देशों और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में सामाजिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने बजट को सर्व समावेशी बताते हुए इसे विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने वाला बताते हुए विभिन्न सेक्टरों के लिए आवंटित राशि का उल्लेख किया। पत्रकारों से चर्चा के दौरान नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आलोक दुबे, वरुण पाल, रितेश शर्मा, नितिन शर्मा सहित अन्य नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Varsha Shrivastava 
