छत्तीसगढ़: 307 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची जारी, नाराज नेताओं के लिए बना ‘एडजस्टमेंट फॉर्मूला’

छत्तीसगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त 307 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची जारी।

छत्तीसगढ़: 307 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची जारी, नाराज नेताओं के लिए बना ‘एडजस्टमेंट फॉर्मूला’

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने प्रदेश के 307 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की सूची जारी कर दी है। यह प्रक्रिया बीते कई महीनों से अटकी हुई थी, जिसे लेकर संगठन के भीतर असमंजस और नाराजगी की स्थिति बनी हुई थी। अब नियुक्तियों के साथ ही कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन को नई दिशा देने की कोशिश की है।

ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर एआईसीसी पदाधिकारियों और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के बीच विस्तृत चर्चा के बाद सहमति बनी। इसके बाद 14 जनवरी 2026 को अधिसूचना जारी की गई, जिस पर एआईसीसी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट के हस्ताक्षर हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि उदयपुर नव संकल्प घोषणा को ध्यान में रखते हुए संबंधित ब्लॉकों के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों की पूरी सूची अधिसूचना के साथ संलग्न की गई है।

कांग्रेस ने इन नियुक्तियों के साथ ही संगठन के भीतर असंतोष को रोकने के लिए ‘एडजस्टमेंट फॉर्मूला’ भी तैयार किया है। जानकारी के अनुसार, ब्लॉक अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल रहे लेकिन चयन से वंचित सक्रिय और मजबूत नेताओं को जिला कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। बताया जा रहा है कि ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी होने के तुरंत बाद जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

नियुक्तियों को लेकर पार्टी की रणनीति में भी बदलाव देखने को मिला है। जहां जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान बड़े नेताओं की पसंद को दरकिनार कर कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी गई थी, वहीं ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की पसंद को भी खास महत्व दिया गया है। इसे संगठनात्मक संतुलन और आपसी तालमेल बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा। पार्टी को उम्मीद है कि अब लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी और जिला व ब्लॉक स्तर पर संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।