03 FEBRUARY 2026: नाबालिग हत्या मामले में आरोपी के माता-पिता और ताऊ गिरफ्तार, पढ़ें इंदौर क्राइम की आज की खबरें
32 दिनों के भीतर इंदौर क्राइम ब्रांच में मोबाइल हैकिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी 150 से ज्यादा शिकायतें दर्ज
इंदौर। नाबालिग की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के परिजनों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अपराध में सहयोग करने, शव छिपाने और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप हैं। एमआईजी थाना क्षेत्र में नाबालिग बालक का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी रेहान के पिता अब्दुल शाकिर, मां शहज़ादी और ताऊ अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर अपराध के बाद आरोपी की मदद करने, शव को छिपाने और अहम साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद परिजनों ने आरोपी को बचाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। फिलहाल, एमआईजी थाना पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के बाद किन-किन स्तरों पर साजिश रची गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे भी और खुलासे हो सकते हैं।
32 दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी 150 से ज्यादा शिकायतें दर्ज
इंदौर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ 32 दिनों के भीतर इंदौर क्राइम ब्रांच में मोबाइल हैकिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी 150 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। ठग APK फाइल के ज़रिए लोगों के मोबाइल हैक कर रहे हैं और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। दरअसल, 1 जनवरी से 2 फरवरी के बीच इंदौर क्राइम ब्रांच में साइबर फ्रॉड के 150 से अधिक मामले सामने आए हैं। इन मामलों में साइबर ठगों ने APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल फोन को हैक किया और करीब 15 लाख रुपये की ठगी की है।
ठग खुद को ट्रैफिक के अधिकारी, बैंक अधिकारी, कूरियर सर्विस या किसी जान-पहचान वाले के रूप में पेश कर APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, तभी मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद बैंकिंग डिटेल्स चुराकर खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच सक्रिय रूप से जांच कर रही है और APK फाइल के जरिए ठगी करने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। वहीं क्राइम ब्रांच ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और सतर्क रहें।
जब्त वाहनों के रखरखाव के लिए पुलिस प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम
इंदौर के थानों में जप्त होने वाले वाहनों के व्यवस्थित रखरखाव के लिए अब पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के अलग-अलग थानों में सालों से जमा लावारिस और जप्त वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इनके लिए आधुनिक वेयरहाउस बनाने की योजना तैयार की गई है। इंदौर पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस विशेष वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर की सड़कों और थानों के परिसरों को इन वाहनों के बोझ से मुक्त करना है।

दरअसल, इस योजना के तहत पलासिया क्षेत्र में पहले ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही परदेसीपुरा, चंदन नगर और सदर बाजार जैसे इलाकों को भी चिन्हित किया गया है, जहां सरकारी जमीन उपलब्ध है। सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक टू-टियर यानी दो चरणों वाला बड़ा वेयरहाउस विकसित किया जाएगा। जहा मोटर व्हीकल एक्ट या अन्य आपराधिक मामलों में सीज किए गए वाहनों को तब तक सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से रखा जाएगा जब तक उनका कानूनी निपटारा नहीं हो जाता। इस पहल से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि थानों की सुंदरता और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
रैपिडो बाइक राइडर ने नाबालिग किशोरी को बनाया अपनी हवस का शिकार
इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक रैपिडो बाइक चालक ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जिसमें खरीदारी के लिए राजवाड़ा जाने के लिए बुक की गई बाइक के चालक ने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। वहीं, पीड़िता की शिकयत पर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार है। पीड़ित नाबालिग ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसने मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से राजवाड़ा जाने के लिए रैपिडो बाइक बुक की थी। आरोपी चालक उसे राजवाड़ा तो ले गया, लेकिन वहां उसने पीड़िता को अपनी बातों में फंसाया। आरोपी ने लड़की को झांसा दिया कि वह उसे बेहद सस्ते दामों में अच्छे कपड़े दिला देगा।
सस्ते कपड़ों के लालच में आरोपी नाबालिग को राजवाड़ा से नेहरू नगर स्थित अपने कमरे पर ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद बदहवास पीड़िता ने रावजी बाजार थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात चालक के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने टीम गठित की और आरोपी चालक अंकित को गिरफ्तार किया। अंकित की उम्र 22 साल है और वो पिछले डेढ़ साल से इंदौर में ही रह रहा है। रेपिडो के मैनेजर को नोटिस जारी कर जानकारी निकाली जा रही है कि राइडर का पुलिस वेरिफ़िकेशन कराया था कि नहीं और अगर नहीं कराया होगा तो उसके ऊपर खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।
रैश ड्राइविंग करने वाले 5 युवक पकड़ाए, तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त
इंदौर की सड़कों पर कार रेसिंग और रैश ड्राइविंग करने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 युवकों को 3 लग्जरी गाड़ियों के साथ पकड़ा। शहर में चल रहे “ऑपरेशन क्लीन स्ट्रीट” के तहत यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, थाना आजाद नगर क्षेत्र के रिंग रोड पर 29 और 30 जनवरी की दरमियानी रात कुछ युवक तेज रफ्तार में थार, स्कॉर्पियो और अर्टिगा दौड़ाकर हुड़दंग मचा रहे थे। जिसका रह चलते लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने स्वत संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

इस मामले में सूचना मिलने पर पुलिस की गश्ती टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने स्कॉर्पियो GJ20CB2621, थार MP09AW2462 और अर्टिगा GJ20AH9307 को जब्त कर लिया। गिरफ्तार युवकों में हिमांशु मालवीय, मयंक, मनीष सैनी, मयंक सर्वानंद नगर और चित्रेश मंडलोई शामिल हैं। इनकी उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है। सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और तेज रफ्तार सहित लापरवाह ड्राइविंग के लिए मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ कहा है कि शहर की सड़कों पर स्टंट, रश ड्राइविंग और हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Varsha Shrivastava 
