दुर्ग: सुपेला संडे मार्केट में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, निगम–पुलिस की सख्त कार्रवाई से हटाए गए ठेले और अस्थायी दुकानें

दुर्ग शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भिलाई नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने रविवार सुबह सुपेला संडे मार्केट से पूरा कब्जा हटाया।

दुर्ग: सुपेला संडे मार्केट में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, निगम–पुलिस की सख्त कार्रवाई से हटाए गए ठेले और अस्थायी दुकानें

दुर्ग। शहर की लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भिलाई नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने रविवार को सुपेला संडे मार्केट में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह तड़के करीब 6 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए ठेले, अस्थायी दुकानें और निर्माण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके।

दरअसल, सुपेला क्षेत्र में हर रविवार को संडे मार्केट लगता है, जहां सैकड़ों की संख्या में दुकानदार सड़क और फुटपाथ पर दुकानें लगाते हैं। समय के साथ यह बाजार इतना फैल गया कि मुख्य मार्गों, डिवाइडर और दुकानों के सामने तक कब्जा हो गया। इससे न केवल स्थानीय दुकानदारों को परेशानी हो रही थी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। बार-बार चेतावनी और समझाइश के बावजूद कई दुकानदार अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।

भारी पुलिस बल की तैनाती में कार्रवाई

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए छह थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। सुपेला, छावनी, खुर्सीपार, सेक्टर-6 कोतवाली और जामुल थाना क्षेत्र की पुलिस टीमों के साथ महिला पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शनिवार देर रात ही दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दे दी गई थी, इसके बावजूद जिन लोगों ने कब्जा नहीं हटाया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

डिवाइडर और सड़क तक किया गया था कब्जा

भिलाई नगर के सिटी एसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि कुछ दुकानदारों ने 80 फीट से लेकर 150 फीट तक क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि लोग सड़क के बीच बने डिवाइडर पर भी दुकानें लगाने लगे थे। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो जाती थी और आए दिन जाम की स्थिति बनती थी।

ट्रैफिक व्यवस्था हो रही थी प्रभावित

छावनी एसडीएम हितेश पिस्दा ने बताया कि सुपेला चौक से गद्दा चौक तक बड़ी संख्या में अस्थायी ठेले और दुकानें लगाई जा रही थीं। हर रविवार लगने वाले इस बाजार की वजह से पूरे इलाके में ट्रैफिक अव्यवस्था पैदा हो जाती थी। दुकानदारों के साथ पहले कई बैठकें की गईं और अतिक्रमण हटाने पर सहमति भी बनी थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसी कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

शिवलिंग चबूतरा हटाने पर हुआ विवाद

कार्रवाई के दौरान सुपेला क्षेत्र में पेड़ के नीचे बने एक शिवलिंग चबूतरे को हटाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी। स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच कुछ समय के लिए बहस हुई। लोगों का कहना था कि शिवलिंग सहित चबूतरे को पूरी तरह हटाया जाए, जबकि प्रशासन का कहना था कि यह भी अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और चबूतरा तोड़ दिया गया।

व्यापारियों ने किया कार्रवाई का समर्थन

दिलचस्प बात यह रही कि सुपेला संडे मार्केट के कई स्थायी दुकानदारों ने इस कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना था कि अस्थायी अतिक्रमण की वजह से उनकी दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच पाते थे और यातायात जाम के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा था। कुछ व्यापारियों ने मानवता के नाते कार्रवाई में लगे निगम अमले और पुलिसकर्मियों के लिए नाश्ते की भी व्यवस्था की। व्यापारियों का कहना था कि “कार्रवाई अपनी जगह सही है और मानवता अपनी जगह।”

वहीं, अतिक्रमण हटाने से प्रभावित कुछ लोगों ने नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप था कि उन्हें कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया और अचानक कार्रवाई कर दी गई। कुछ लोगों का कहना था कि पीछे रखा सामान भी निगम अमला अपने साथ ले गया और आधा घंटे का समय मांगे जाने के बावजूद बलपूर्वक कार्रवाई की गई।

अधिकारियों का स्पष्ट संदेश

नगर निगम जोन-2 की आयुक्त ईशा लहरे ने कहा कि दुकान के बाहर किए गए कब्जों को हटाने के लिए पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी। जिन लोगों ने निर्देशों का पालन नहीं किया, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि अतिक्रमण किया गया तो भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है। आने वाले रविवारों में भी सुपेला संडे मार्केट और अन्य इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य साफ है—यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और आम जनता को जाम व अव्यवस्था से राहत दिलाना।