हितानंद शर्मा की संघ में वापसी, RSS ने बनाया मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खेंडलवाल के करीबी माने जाने वाले हितानंद शर्मा का BJP संगठन महामंत्री के तौर पर कार्यकाल काफी अच्छा रहा

हितानंद शर्मा की संघ में वापसी, RSS ने बनाया मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख
Hitanand Sharma

इंदौर। हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हो गई है। भाजपा के संगठन महामंत्री रहे हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खेंडलवाल के करीबी माने जाने वाले हितानंद शर्मा का BJP संगठन महामंत्री के तौर काफी अच्छा रहा है। 

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मध्य प्रदेश भाजपा में नए संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। हालांकि, माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही नए चेहरे की घोषणा करेगा। 

इंदौर में आयोजित संघ की क्षेत्रीय बैठक में घोषणा

यह घोषणा 31 जनवरी को इंदौर में आयोजित संघ की क्षेत्रीय बैठक में क्षेत्र संघचालक द्वारा की गई। इसके साथ ही हितानंद शर्मा का मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया है।

इंदौर में हुई बैठक में संघ ने अन्य जिम्मेदारियों की भी घोषणा की। सुरेंद्र मिश्रा को पूर्व सैनिक सेवा परिषद का प्रचारक, मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत का प्रचारक और ब्रजकिशोर भार्गव को क्षेत्र गो-सेवा प्रमुख बनाया गया है। हितानंद शर्मा को केंद्र जबलपुर के साथ मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है, जहां वे वैचारिक प्रशिक्षण और संगठनात्मक दिशा देने का काम करेंगे।

हितानंद शर्मा बने मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक प्रमुख 

मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े वरिष्ठ प्रचारक हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। संघ की संगठनात्मक व्यवस्था के तहत अब उन्हें मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। यह घोषणा 31 जनवरी को इंदौर में आयोजित संघ की क्षेत्रीय बैठक में क्षेत्र संघचालक द्वारा की गई। इसके साथ ही हितानंद शर्मा का मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया है।

हितानंद शर्मा की यह नियुक्ति संघ की नियमित कार्यप्रणाली और दायित्वों के रोटेशन का हिस्सा मानी जा रही है। संघ में तय समय के बाद प्रचारकों को नई भूमिका दी जाती है, ताकि संगठन को नए सिरे से दिशा और ऊर्जा मिल सके। मौजूदा समय में मध्य प्रदेश में कोई बड़ा चुनाव नहीं है और संगठनात्मक सत्र का नया चरण शुरू हो रहा है, ऐसे में यह बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है।

हितानंद शर्मा मूल रूप से मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के निवासी हैं और उनका जुड़ाव लंबे समय से संघ और विद्या भारती जैसे संगठनों से रहा है। वे एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं और संगठन के भीतर उनकी पकड़ खास तौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है। भाजपा संगठन में रहते हुए उन्होंने कभी सार्वजनिक मंचों या मीडिया की सुर्खियों में रहना पसंद नहीं किया, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने का काम किया।

हितानंद शर्मा का राजनीतिक सफर

भाजपा में हितानंद शर्मा का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। वे मध्य प्रदेश भाजपा के राज्य संयुक्त महासचिव (संगठन) और बाद में प्रदेश सह-संगठन मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2020 में, उपचुनावों से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्हें प्रदेश सह-संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद 2022 में वे सुहास भगत के स्थान पर प्रदेश संगठन महामंत्री बनाए गए।

उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत और 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर पार्टी की जीत मानी जाती है। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं में अनुशासन और समन्वय बनाए रखना और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारना उनकी कार्यशैली की पहचान रही है। पार्टी के भीतर उन्हें ‘पर्दे के पीछे का रणनीतिकार’ भी कहा जाता रहा है।

हितानंद शर्मा को संघ और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में देखा जाता था। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल बनाकर उन्होंने कई बार अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सादगी, अनुशासन और स्पष्ट कार्यशैली के कारण संघ और भाजपा, दोनों संगठनों में उनका सम्मान रहा है।