सूर्यकुमार यादव की बैटिंग पर पड़ा कप्तानी का असर?

टीम इंडिया के कप्तान Suryakumar Yadav काफी समय से टी20 इंटरनेशनल में स्ट्रगल कर रहे हैं. वह पिछली 25 पारियों से फिफ्टी का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं. 

सूर्यकुमार यादव की बैटिंग पर पड़ा कप्तानी का असर?

क्रिकेट में कप्तानी एक ऐसी जिम्मेदारी है, जिसमें कुछ खिलाड़ी शिखर पर पहुंचते हैं तो कुछ बिखर जाते हैं. दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने कैप्टेंसी करते हुए परफॉणेंस में आंच नहीं आने दी लेकिन. कुछ ऐसे भी हुए हैं जो कप्तान बने तो उनकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ा. भारत के T20I कैप्टन सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) इसी कैटेगरी में आते हैं. सूर्या जब टीम इंडिया (Team India)  के कप्तान नहीं थे, तब टी20 इंटरनेशनल में उनकी परफॉर्मेंस लाजवाब थी.  घूम-घूमकर मारते बॉलर्स की बखिया उधेड़ देते थे. लेकिन, कप्तान बनने के बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई. इस आर्टिकल में बताते हैं कि सूर्या जब कप्तान नहीं थे, तब उनका प्रदर्शन कैसा था? वहीं, जब कप्तान बने तो उनकी परफॉर्मेंस में कितनी गिरावट आई.

प्लेयर के तौर पर सूर्या की चमक

सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च 2021 को टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू इंग्लैंड के खिलाफ किया. पहले मैच में उन्हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन, दूसरे मैच में उन्होंने ताबड़तोड़ बैटिंग करते हुए फिफ्टी जड़ दी. शुरुआत में देखा जाए तो, हर तीन-चार इनिंग्स के बाद उनकी एक बड़ी पारी आ जाती. प्लेयर के तौर पर सूर्या बहुत सफल रहे. उन्होंने 61 मैच खेले. इनमें 2040 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 3 शतक भी जड़े. वह ICC की रैंकिंग में लंबे समय तक दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज रहे. लेकिन, मौजूदा समय में वह ICC की टी20 रैंकिंग में टॉप से 10 से भी बाहर हैं.

कप्तानी पर असर 

सूर्यकुमार यादव ने टी20 टीम का रेगुलर कप्तान बनने से पहले 7 मैचों में कप्तानी की. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 2 अर्धशतक सहित 300 रन निकले. रोहित शर्मा के टी20 इंटरनेशनल से रिटायमेंट लेने के बाद, सूर्या को जुलाई 2024 में रेगुलर कप्तान बनाया गया. नियमित कप्तान बनने के बाद, सूर्या लंबे समय तक अपनी फॉर्म बरकरार नहीं रख पाए. आंकड़ों पर गौर करें, तो सूर्या ने रेगुलर कैप्टन बनने के बाद 32 मैच में 448 रन बनाए, जिनमें 2 अर्धशतक शामिल हैं. इन आंकड़ों से पता चलता है कि उन पर कप्तानी का काफी दबाव है. एक वक्त ऐसा था, जब दुनिया के सबसे खतरनाक बॉलर उनके खिलाफ बॉलिंग करने से कतराते थे. लेकिन, अब साधारण गेंदबाज भी सूर्या को आसानी से आउट कर लेता है.  

25 पारियों से नहीं लगा पाए फिफ्टी

सूर्या ने दिसंबर 2024 से टी20 इंटरनेशनल में ज्यादातर स्ट्रगल किया है. इस दौरान वह 22 पारियों में बैटिंग करने उतरे, लेकिन फिफ्टी नहीं लगा पाए. सूर्या ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में आखिरी फिफ्टी 12 अक्टूबर 2024 को हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ लगाई थी. तब उन्होंने 75 रन बनाए थे. सूर्यकुमार यादव कितना भी नकारें कि कप्तानी का उन पर दबाव नहीं है. लेकिन, आंकड़े यही बताते हैं कि वह कैप्टेंसी के प्रेशर को झेल नहीं पा रहे हैं. 21 जनवरी को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ भी सूर्या 32 रन ही बना सके. 22 बॉल्स की पारी के दौरान सूर्या ने 4 चौके और एक छक्का लगाया.

टी20 वर्ल्ड कप में सूर्या से उम्मीद

टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होगी. यह वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा. टीम इंडिया डिफेंडिंग चैंपियन है. सूर्या पर खिताब बचाने का दबाव होगा. यह उनका चौथा टी20 विश्व है. इससे पहले, सूर्या 2021, 2022 और 2024 टी20 वर्ल्ड में शिरकत कर चुके हैं. 7 फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप में क्रिकेट फैंस को सूर्या से बहुत उम्मीदें हैं.