मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?

मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव लाता है, जिससे ब्रेस्ट, गर्भाशय और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?
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मेनोपॉज एक ऐसी स्टेज है जिसमें महिलाओं को पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं। ये अक्सर 45–50 की उम्र के बाद महिलाओं में होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि मेनोपॉज से महिलाओं में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है?

मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिससे कई शारीरिक समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। मेनोपॉज सीधे कैंसर का कारण नहीं बनता, बल्कि शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा देते हैं। मोटापा, एक्सरसाइज न करना और लंबे समय तक हार्मोन की दवाइयां (HRT) लेने से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।

साथ ही मेनोपॉज के बाद गर्भाशय कैंसर (Uterine Cancer) का भी खतरा होता है। अगर किसी महिला को मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होने लगे तो ये गर्भाशय के कैंसर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा ओवेरियन कैंसर भी मेनोपॉज के बाद होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है, जिसे “साइलेंट कैंसर” भी कहा जाता है।

कैंसर से कैसे बचें?

कैंसर हो या कोई भी बीमारी, उससे बचने के लिए अपने आप को फिट और हेल्दी रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले अपने वजन को कंट्रोल में रखें। इसके लिए एक्सरसाइज या योग करें। दूसरा, अपनी डाइट पर ध्यान दें। फल, हरी सब्जियां और फाइबर को डाइट में शामिल करें। शरीर में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत मैमोग्राफी (Mammography) या पैप स्मीयर (Pap Smear) जैसे टेस्ट करवाएं।