इंदौर: UGC के नए नियम पर बवाल, DAVV में करणी सेना का प्रदर्शन

UGC की नई व्यवस्था के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन, DAVV में सरकार की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा पढ़ी, 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान

इंदौर: UGC के नए नियम पर बवाल, DAVV में करणी सेना का प्रदर्शन

पूरे देश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का कड़ा विरोध हो रहा है। यूजीसी के नए उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम 2026 नियम को लेकर बवाल मचा हुआ है। यूजीसी के इस नए नियम के विरोध में इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रशासनिक संकुल नालंदा परिसर में करणी सेना ने प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और यूजीसी का पुतला फूंका।

सरकार की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा पढ़ी

इंदौर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू की गई नई नीति के विरोध में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के नालंदा परिसर में मंगलवार को करणी सेना और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन इसमें छात्रों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जोरदार नारेबाजी की और यूजीसी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया।

इस अवसर पर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह ने बताया कि करीब 300 छात्र और कार्यकर्ता विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी मांगें पहुंचाने के लिए आए। उन्होंने कहा कि सरकार को सद्बुद्धि मिले, इसलिए उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। करणी सेना ने दावा किया कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं और इससे शैक्षणिक संस्थानों में झूठे मामले और सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है।

यूजीसी ने 13 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया

यूजीसी ने 13 जनवरी को ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026’ के नाम से एक नोटिफिकेशन जारी किया। इस नए नियम के अनुसार, देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्मस्थान और विकलांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए हर संस्थान में ईक्विटी एंड इनक्लूजन सेल (EOC) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिलेगा और भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

हालांकि, करणी सेना और कुछ छात्र संगठनों का कहना है कि यह नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ है। करणी सेना ने इसे “काला कानून” करार देते हुए इसकी वापसी की मांग की। उनका आरोप है कि यदि यह नियम लागू रहता है, तो इससे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में झूठे मामलों का फैलाव और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

करणी सेना का प्रदर्शन, 1 फरवरी को भारत बंद

करणी सेना ने आगामी गतिविधियों का भी ऐलान किया है। उन्होंने 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है और 2 फरवरी को प्रदेश के सभी सांसदों के निवास का घेराव करने की चेतावनी दी है। उनका लक्ष्य सांसदों से लिखित आश्वासन लेना है कि वे यूजीसी के नए नियमों का विरोध केंद्र सरकार के सामने रखेंगे। इस प्रदर्शन में करणी सेना के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह राजपूत, किशोर सिंह सिकरवार, राहुल सिंह जादौन, रविनेश सिंह राठौड़, अजीत सिंह ठाकुर और डॉ. संतोष सिंह सहित करीब तीन सौ से अधिक छात्र शामिल हुए। करणी सेना ने छात्रों के साथ मिलकर शिक्षा में समानता और न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प भी लिया।

डीएवीवी के कुलगुरू प्रो. राकेश सिंघई ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और कहा कि उनकी मांगों को उचित फोरम पर रखा जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था, जिससे स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।