30 January 2026: दूषित पानी से 31वीं मौत, जीतू पटवारी ने मतदाता सूची में हेरा-फेरी को लेकर दर्ज कराई गंभीर आपत्ति, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नाथूराम गोडसे का जिक्र करते हुए कहा कि गोडसे देश का पहला आतंकवादी था, जिसने महात्मा गांधी जैसे महान नेता की हत्या कर दी।
इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत, अब तक 31 लोगों की जान गई
भागीरथपुरा में दूषित पानी मामले में शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसी के साथ मृतकों की संख्या 31 हो गई है। मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है, जिनसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी बॉम्बे हॉस्पिटल में मिलने पहुंचे थे। मरीज को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां 4 जनवरी को उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां उनकी मौत हो गई।
जीतू पटवारी ने मतदाता सूची में हेरा-फेरी को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को अपनी विधानसभा क्षेत्र स्थित राजेंद्र नगर थाने पहुंचे और मतदाता सूची में हेरा-फेरी को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रणाली में बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट और कुछ बीएलओ द्वारा फॉर्म-7 जमा कराने के बाद भी कई वैध मतदाताओं को गलत तरीके से नोटिस भेजे जा रहे हैं, जो चुनाव प्रक्रिया से छेड़छाड़ का गंभीर अपराध है। उन्होंने थाने में संबंधित बीएलओ और बीजेपी एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ राजेंद्र नगर थाने पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा कि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला है। ऐसे सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने मतदाता सूची से नाम काटने में अनुचित दबाव या गलती की, तो उसके खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होगा, चाहे वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही क्यों न हो। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में एसआईआर प्रणाली का दुरुपयोग कर मतदाताओं को भ्रमित और बाहर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि हर थाने में कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराएंगे। पटवारी ने मीडिया के माध्यम से जनता से भी अपील की कि यदि उनके नाम पर गलत आपत्ति लगी हो तो तुरंत थाने और निर्वाचन अधिकारियों को इसकी सूचना दें, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जा सके।
गोडसे देश का पहला आतंकवादी था- पीसीसी चीफ जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। उन्होंने कहा कि देश में नफरत की राजनीति बढ़ रही है और इससे लोकतंत्र को खतरा हो रहा है। पटवारी ने नाथूराम गोडसे का जिक्र करते हुए कहा कि गोडसे देश का पहला आतंकवादी था, जिसने महात्मा गांधी जैसे महान नेता की हत्या कर दी। गांधी जी हमेशा प्यार, शांति और भाईचारे की बात करते थे, लेकिन उन्हें हिंसा की सोच ने खत्म कर दिया।
SIR प्रणाली में बोथ लेवल ऑफिसर और बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट द्वारा धांधलीकर लोगों को नोटिस दिए जाने की शिकायत लेकर जीतू पटवारी अपनी विधानसभा क्षेत्र के राजेंद्र नगर थाने पहुंचे थे। जहां मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर चर्चा करते हुए पटवारी ने नाथूराम गोडसे का जिक्र करते हुए कहा कि आज उसी सोच वाले लोग सामने आ रहे हैं और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
जीतू पटवारी का आरोप है कि लोगों के बीच झगड़े बढ़ाए जा रहे हैं और वोटर लिस्ट से नाम हटाकर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश के नागरिक जागें और ऐसे विचारों का विरोध करें, जो देश को बांटने का काम कर रहे हैं। पटवारी के मुताबिक आजकल गोडसे की विचारधारा को गलत तरीके से बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, जबकि मोहब्बत और शांति की बात करने वालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पटवारी का कहना है कि अगर जनता नहीं जागी, तो देश को भारी नुकसान हो सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
क्रिकेट के मैदान पर, कैलाश विजयवर्गीय - सज्जन सिंह वर्मा की जुगलबंदी
राजनीति के मैदान में एक-दूसरे पर तीखे वार करने वाले नेता जब क्रिकेट के मैदान में उतरे, तो नज़ारा कुछ अलग ही दिखा। इंदौर में मीडिया क्रिकेट सीजन 15 के दौरान सियासी प्रतिद्वंद्विता खेल भावना में बदलती नज़र आई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा आमने-सामने दिखाई दिए, लेकिन इस बार बयानबाज़ी नहीं, बल्ला और गेंद चर्चा में रहे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक और मज़ाक भी देखने को मिला।
इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम द्वारा आयोजित मीडिया क्रिकेट सीजन 15 में राजनीति और खेल का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रदेश के नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बल्लेबाज़ की भूमिका में थे, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विकेट कीपिंग संभाली। कांग्रेस की ओर से गिरधर नागर ने गेंदबाज़ी की। वही मैच की पहली ही गेंद पर कैलाश विजयवर्गीय ने चौका जड़कर माहौल को रोमांचक बना दिया। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब आप बैटिंग करेंगे तो चौका, छक्का और अट्ठा भी लगेगा। जिसके जवाब में कैलाश विजयवर्गीय ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर आप गेंदबाज़ी करेंगे, तो मैं क्लीन बोल्ड हो जाऊंगा।
गाड़ी टकराने के विवाद के बाद युवक की हत्या, वकीलों में भारी आक्रोश
26 जनवरी को हुई युवक की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिसमें छोटा बांगड़दा में हुए गाड़ी टकराने के विवाद के बाद युवक की हत्या से वकीलों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आज बड़ी संख्या में अधिवक्ता पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित छोटा बांगड़दा इलाके में गाड़ी टकराने के विवाद के बाद युवक संजय सिंह रावत की हत्या के मामले में आज अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में वकील पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और मामले में गिरफ्तार आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाए जाने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने एरोड्रम थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि थाना प्रभारी ने लापरवाही बरतते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया और उनका पुलिस रिमांड भी नहीं लिया गया। अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकरण में किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मृतक संजय सिंह रावत कई वर्षों से कोर्ट मुंशी के यहां कार्यरत था और उसके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। घटना को लेकर अधिवक्ता समाज में गहरा रोष है और वे न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
शहर में संचालित अवैध हॉस्पिटलों को लेकर एक बार फिर हाईकोर्ट सख्त
इंदौर में संचालित हो रहे अवैध हॉस्पिटलों को लेकर एक बार फिर हाईकोर्ट सख्त नज़र आया। मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जब तय समय पर जांच रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी। इतना ही नहीं, सीएमएचओ खुद अपने अधिकारियों की जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट नज़र आए। दरअसल, इंदौर उच्च न्यायालय की डबल बेंच जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष शहर में संचालित अवैध हॉस्पिटलों के मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव हासानी स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए। सीएमएचओ ने अदालत को बताया कि अवैध हॉस्पिटलों की जांच के लिए 8 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसमें डॉ. अभिषेक निगम, डॉ. वीरेंद्र राजगीर, डॉ. निर्मला अखंड, डॉ. हिमांशु सुमन, सुश्री मयूरी जाट, सुश्री शैफाली बर्डे, दारासिंह वास्केल और सुश्री पंकज वाडबूदे शामिल थे। हालांकि समिति द्वारा प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट से सीएमएचओ संतुष्ट नहीं हुए और समिति के सदस्यों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालय से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया।
वहीं, याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल, जयेश गुरनानी और आदित्य रघुवंशी ने अदालत को बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध हॉस्पिटल संचालकों ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल संचालन की अनुमति हासिल की है। वही इस मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम इंदौर को भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया। इस दौरान याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री ने सीएमएचओ पर अवैध हॉस्पिटलों से मिलीभगत कर उन्हें लाभ पहुंचाने का गंभीर आरोप भी लगाया।
एकतरफा प्यार में पागल हुए युवक ने सारी हदें पार कर दीं
इंदौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एकतरफा प्यार में पागल हुए युवक ने सारी हदें पार कर दीं। युवती से शादी न हो पाने से नाराज़ आरोपी ने उसके न्यूड फोटो न सिर्फ रिश्तेदारों को भेजे, बल्कि मोहल्ले में चिपकाकर उसे बदनाम करने की कोशिश की। क्राइम ब्रांच ने इस सनकी आशिक को गिरफ्तार कर लिया है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक शातिर और सनकी आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए बेहद घिनौनी साजिश रची। आरोपी की पहचान आयुष अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो पेशे से इंजीनियर है और डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करता है। आरोपी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए युवती और उसके परिवार के संपर्क में आया था। लेकिन कुंडली न मिलने के कारण रिश्ता तय नहीं हो सका। इसी बात से दुखी और नाराज़ होकर आरोपी ने युवती से बदला लेने की ठान ली। जिसमें जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी ने सात बार युवती के न्यूड फोटो उसके रिश्तेदारों को डाक के जरिए भेजे।
इतना ही नहीं, उसने मोहल्ले में भी फोटो चिपकाकर युवती की सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी उज्जैन, देवास, खातेगांव, आष्टा और धार के डाकघरों से पत्र भेजता था, ताकि उसकी पहचान छुपी रहे। वारदात के दौरान वह चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहनता था। आरोपी ने क्राइम पेट्रोल के एपिसोड देखकर अपराध करने के तरीके सीखे थे। यही नहीं, आरोपी युवती और उसके परिजनों को एसिड अटैक की धमकी भी दे रहा था, जिससे परिवार दहशत में था।
वहीं, बाणगंगा थाना पुलिस पांच महीने तक आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही, जिसके बाद मामला पुलिस कमिश्नर द्वारा क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।जिसमें क्राइम ब्रांच ने महज 25 दिनों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई मेंआरोपी के घर से लैपटॉप, प्रिंटर और भेजे गए पत्र भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
नकाबपोश बदमाशों की दहशत, कारोबारी के घर डकैती की कोशिश
इंदौर के लसूड़िया इलाके में नकाबपोश बदमाशों की दहशत सामने आई है, एमआर-11 स्थित कनक एवेन्यू कॉलोनी में देर रात एक कारोबारी के घर डकैती की कोशिश की गई। नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसने के लिए पहले दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने उसे तोड़ दिया। इंदौर के लसुड़िया इलाके में नकाबपोश बदमाशों के द्वारा घर में डकैती डालने का प्रयास करने का मामला सामने आया है, बदमाशों का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया जिसमें वह घर में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं,दरवाजा टूटने की आवाज से घर में सो रहे दंपती की नींद खुल गई।
लिविंग रूम के बाहर नकाबपोश बदमाशों को देखकर महिला ने शोर मचाया। शोर सुनते ही बदमाश कुछ देर के लिए घर के बाहर पोर्च में चले गए। उन्हें शक हुआ कि घर में और लोग भी मौजूद हैं, इसी दौरान दंपती ने पड़ोसियों और गार्ड को फोन कर सूचना दे दी, थोड़ी देर बाद बदमाश दोबारा घर के अंदर आए और मेन बेडरूम का दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगे। लेकिन जैसे ही गार्ड और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, बदमाश मौके से फरार हो गए, घटना 24 जनवरी की रात करीब 3 बजकर 57 मिनट की बताई जा रही है, लेकिन इसमें एफआईआर अब दर्ज की गई, फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।
मालवीय नगर में पाइपलाइन में मिला अज्ञात भ्रूण, जांच में जुटी पुलिस
मालवीय नगर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक पाइपलाइन के अंदर अज्ञात भ्रूण पड़ा मिला। यह मामला तब सामने आया जब रौनक सावले नौकरी से घर लौट रहे थे। दरअसल मालवीय नगर गली नंबर 2 में लोगों की भीड़ देखकर वे रुके। पास जाकर देखा तो पाइपलाइन में एक भ्रूण पड़ा हुआ था, जिसमें कोई हलचल नहीं थी। हालत देखकर स्पष्ट था कि वह मृत अवस्था में था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
रौनक सावले ने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्राथमिक तौर पर यह मामला भ्रूण फेंकने से जुड़ा माना जा रहा है। जांच की जिम्मेदारी एमआईजी थाना पुलिस ने संभाली है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण को वहां कौन छोड़कर गया। पुलिस का कहना है कि दोषी की पहचान होते ही उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
MPPSC दफ्तर के सामने धरना देना प्रदर्शनकारियों को पड़ा भारी
इंदौर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग दफ्तर के सामने किया गया धरना प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों पर भारी पड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान ध्वनि नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। दरअसल प्रदर्शनकारियों को पहले ही प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और तय डेसिबल सीमा में ही आवाज रखने की सख्त हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद 27 तारीख तक चले धरने के दौरान नियमों की अनदेखी होने की शिकायतें मिलीं। धरना खत्म होने के बाद जब ज्ञापन सौंपा गया, तब भी ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया।
बताया जा रहा है कि माइक की आवाज तय डेसिबल सीमा से ज्यादा थी, जिससे आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बनी। इस मामले में पुलिस ने संयोगितागंज थाने में केस दर्ज किया है। कार्रवाई के दायरे में राधे जाट, रंजीत समेत कुल चार नामजद आरोपी शामिल हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच में ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन गंभीर मामला है और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करते समय तय शर्तों का पालन अनिवार्य है। मामले में आगे की जांच जारी है।
12वीं के छात्र के साथ मारपीट, अपमानजनक हरकतें और वीडियो बनाए
इंदौर के जूनी इंदौर क्षेत्र में 12वीं के एक 18 वर्षीय छात्र के साथ मारपीट, अपमानजनक हरकतें और वीडियो बनाकर वायरल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक को पीड़ित से उसकी बहन से दोस्ती का शक था, जिसके चलते उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर छात्र का अपहरण किया, कपड़े उतरवाए और पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित के पिता ने पूछताछ की तो पूरा मामला उजागर हुआ जिसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है।
दरअसल परिजनों की शिकायत पर जूनी इंदौर पुलिस ने प्रमुख आरोपी करण सहित पांच नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी कुछ दिनों से उसे धमका रहे थे। एक दिन वे उसे बहाने से बुलाकर कमरे में ले गए, जहां बंधक बनाकर कपड़े उतरवाए, मारपीट की और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में जान से मारने की धमकी देकर वीडियो वायरल करने की बात भी कही। डर के कारण पीड़ित चुप रहा, लेकिन वीडियो वायरल होने पर उसने परिजनों को पूरी सच्चाई बताई। इस मामले में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पांच नाबालिगों को बाल न्याय बोर्ड में पेश किया जा रहा है। जिसमें डिजिटल साक्ष्य जब्त कर आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल भी जब्त कर रही है ताकि वीडियो के प्रसार की जांच आगे बढ़ाई जा सके।
Varsha Shrivastava 
