छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनेगी समिति

छत्तीसगढ़ की साय कैबिनेट का बड़ा फैसला। राज्य में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड। रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी। UCC अभी सिर्फ उत्तराखंड में लागू।

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनेगी समिति

छत्तीसगढ़ सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि UCC के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। यह समिति राज्य में UCC के संभावित ढांचे पर काम करेगी और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर इसका प्रारूप तैयार करेगी।

सरकार के अनुसार यह समिति आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधिक विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से बातचीत करेगी। इसके बाद एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसे अंतिम रूप से विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य राज्य में समान नागरिक कानून लागू करने की व्यवहारिकता और ढांचे को तय करना है।

फिलहाल भारत में केवल उत्तराखंड ऐसा राज्य है जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया गया है। उत्तराखंड में 28 जनवरी 2025 से यह कानून लागू है। वहां विवाह पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, साथ ही विवाह, तलाक और संपत्ति से जुड़े नियमों को सभी धर्मों के लिए समान किया गया है। इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और बेटा-बेटी को संपत्ति में समान अधिकार दिए गए हैं।

UCC को लेकर देश में लंबे समय से बहस चल रही है। समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था बनेगी, जबकि विरोधियों का कहना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता पर असर पड़ सकता है।