NEET पेपर लीक को लेकर NSUI का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन

NEET परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में NSUI के कार्यकर्ताओं ने भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन चलाए।

NEET पेपर लीक को लेकर NSUI का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन

भोपाल में शुक्रवार को NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस के छात्र संगठन National Students' Union of India (NSUI) ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई बार वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में ले जाया गया।

मुख्यमंत्री निवास घेराव, चले वाटर कैनन

प्रदर्शन में शामिल NSUI कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले थे। लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेडिंग के पास पहुंचते ही प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे और माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया।

इस दौरान NSUI के कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन चलाया। बताया गया कि पांच बार पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यकर्ता डटे रहे।

दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के मंच पर चढ़ जाने से अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान पीसीसी चीफ Jeetu Patwari ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने और मंच से नीचे उतरने की अपील की। वहीं पूर्व मंत्री Kamleshwar Patel ने भी भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की और संयम बनाए रखने का आग्रह किया। भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए मंच पर स्थिति संभालना मुश्किल हो गया, जिसके बाद वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को गंभीर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। दिग्विजय सिंह ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का हमला, कई नेता हिरासत में

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई सभी कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग से हटाया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। सभी को बसों में भरकर थाने ले जाया गया। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।