10 लाख के भुगतान के बदले रिश्वत लेते EOW के हत्थे चढ़े बिजली विभाग के दो अधिकारी

जबलपुर में EOW की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते अतिरिक्त मुख्य अभियंता और कार्यपालन यंत्री रंगे हाथ गिरफ्तार

10 लाख के भुगतान के बदले रिश्वत लेते EOW के हत्थे चढ़े बिजली विभाग के दो अधिकारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPPKVVCL) के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई सोमवार, 29 जून 2026 को रामपुर स्थित अधीक्षण अभियंता (सिविल) कार्यालय में की गई।

निर्माण कार्य के भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता अशोक कुमार द्विवेदी, निवासी गुप्तेश्वर, जबलपुर ने EOW से शिकायत की थी कि कटनी जिले के बड़ैया क्षेत्र में जूनियर इंजीनियर कार्यालय के निर्माण कार्य के लगभग 10 लाख रुपये के भुगतान के एवज में अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में कार्यपालन यंत्री (सिविल) चंद्रशेखर मेहरा द्वारा 20 हजार रुपये और अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) प्रहलाद मर्सकोले द्वारा 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग करने का आरोप लगाया गया था।

EOW ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कार्यपालन यंत्री पहले ही 5 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था। इसके बाद EOW ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।

रिश्वत की दूसरी किस्त लेते दोनों अधिकारी रंगे हाथ पकड़ाए

कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रहलाद मर्सकोले को 10 हजार रुपये और कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा को 15 हजार रुपये की रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए उनके कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। दोनों के पास से कुल 25 हजार रुपये की ट्रैप राशि बरामद की गई।

EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, संशोधित 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा है।