Car Insurance लेते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है नुकसान

कार खरीदना सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट नहीं है, बल्कि आपकी विश लिस्ट का सपना भी है। सभी सोचते हैं कि उनके पास उनकी ड्रीम कार हो। लेकिन कार लेने के बाद अगर उसका एक्सीडेंट हो जाए, या किसी भी इंसिडेंट में आपकी गाड़ी खराब हो जाए तो? यह आपकी लाइफ का सबसे बुरा मोमेंट हो सकता है। ऐसे में काम आता है कार इंश्योरेंस।

Car Insurance लेते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है नुकसान
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कार इंश्योरेंस न सिर्फ आपकी जेब पर एक बार में पड़ने वाले असर को कम करता है, बल्कि आपको टेंशन फ्री भी बनाता है कि अगर फ्यूचर में आपकी गाड़ी के साथ कुछ ऊंच-नीच हुई तो आप सेफ रहेंगे। लेकिन Car Insurance लेते समय आपको कुछ बातों का ध्यान भी रखना होता है, नहीं तो आप प्रॉब्लम में पड़ सकते हैं।

1. जीरो डेप्रिसिएशन कवर
यह कार इंश्योरेंस का जरूरी एड-ऑन है। इसमें पार्ट्स पर लगने वाली डेप्रिसिएशन कटौती नहीं होती, जिससे क्लेम की राशि बढ़ सकती है। 5 साल से कम पुरानी कारों के लिए यह काफी फायदेमंद है।

2. रोडसाइड असिस्टेंस कवर
कार खराब होने, टायर पंचर, बैटरी डिस्चार्ज या ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति में यह कवर मदद करता है। इसमें टोइंग, जंप स्टार्ट और फ्यूल डिलीवरी जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।

3. इंजन प्रोटेक्शन कवर
इंजन खराब होने या पानी से नुकसान जैसी स्थितियों में यह एड-ऑन काम आता है। यह इंजन और गियरबॉक्स की मरम्मत के खर्च को कवर करने में मदद करता है।

4. रिटर्न टू इनवॉइस कवर
कार चोरी या टोटल लॉस होने पर यह कवर वाहन की मूल इनवॉइस वैल्यू तक लाभ दिलाने में मदद करता है। नई कार खरीदने वालों के लिए यह उपयोगी विकल्प है।

5. कंज्यूमेबल्स कवर
इसमें इंजन ऑयल, ग्रीस, नट-बोल्ट और अन्य छोटे रिपेयर खर्च कवर हो सकते हैं। इससे क्लेम के समय जेब से होने वाला अतिरिक्त खर्च कम होता है।