पहली बारिश में खुली विकास के दावों की पोल, जलभराव में दो बछड़ों की मौत
मऊगंज के बरौही गांव में पहली बारिश के बाद जलभराव से दो बछड़ों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने जल निकासी, मुआवजे और विकास कार्यों की जांच की मांग की है।
रिपोर्ट: राजेंद्र पयासी, मऊगंज
मऊगंज। मानसून की पहली बारिश ने ही मऊगंज जिले की जनपद पंचायत हनुमना अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौही में जल निकासी और विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण एक ग्रामीण के घर में पानी भर गया, जिससे वहां बंधे दो बछड़ों की डूबने से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बरौही निवासी रामलोचन पाण्डेय के घर में बारिश का पानी भर गया था। जलभराव के कारण घर में बंधे दो बछड़ों की जान चली गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है।
आरोप है कि समय पर मदद नहीं मिलने के कारण रामलोचन पाण्डेय को खुद ही मुख्य सड़क खोदकर पानी की निकासी करनी पड़ी। सड़क खोदे जाने के बाद अब गांव में आवागमन भी प्रभावित हो गया है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सरपंच प्रतिनिधि से सड़क के नीचे पाइप डालकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, इस पर सरपंच प्रतिनिधि ने बजट नहीं होने की बात कहते हुए चार महीने बाद व्यवस्था देखने की बात कही।
बारिश के मौसम में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने पिछले दो वर्षों में तालाब निर्माण के नाम पर खर्च की गई राशि को लेकर भी सवाल उठाए हैं और तालाब निर्माण कार्य तथा संबंधित फंड की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में अतिक्रमण हटाने, तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और पशुओं की मौत से नुकसान झेलने वाले पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
Anubhav Dubey 
