पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जो रास्ता दिखाया, उसे नई पीढ़ी से परिचित कराया जाए बोले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जो रास्ता दिखाया, उसे नई पीढ़ी से परिचित कराया जाए बोले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर चेम्बर ऑफ कॉमर्स में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जन्मशती समारोह कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जो रास्ता दिखाया, उसे नई पीढ़ी से परिचित कराया जाए बोले विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर

ग्वालियर: 26 जून 2026 समाजवादी आंदोलन के पुरोधा और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जन्मशती समारोह के मौके पर शुक्रवार को ग्वालियर में आयोजित एक समारोह में याद किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके संघर्ष, देश में लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान और उनके मूल्य और सिद्धांतों को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश को उपस्थित होना था लेकिन अपरिहार्य कारणों से  वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर, समाजवादी आंदोलन से जुड़े  और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ रहे रमाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह और चंद्रशेखर जन्म शती समारोह के  संयोजक अरुण श्रीवास्तव  मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा आज के परिप्रेक्ष्य में समाजवादी विचारधारा को सामने लाने की जरूरत है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने जो रास्ता दिखाया, वह नई पीढ़ी के ध्यान में आए, इसके लिए इस तरह के कार्यक्रमों का उपयोग किया जाना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री मन वचन कर्म और आत्मा से समाजवादी थे, यही सच्चा भारतीय चिंतन है जो एकात्मक दर्शन का पर्याय है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को याद करते हुए महापुरुष बताया  और कहा कि बगैर सत्य बोले कोई महान नहीं होता है। उन्होंने  पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के बीच कोई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा की साहसपूर्वक सत्य को स्वीकार करना महान होने की पूर्णता है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्होंने पदयात्रा के जरिए महिलाओं, नौजवानों और गरीबों की पीड़ा को तलाश किया, इसके जरिए उन्होंने  भारत को मथने का कार्य किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने चंद्रशेखर के साथ बताएं समय को याद करते हुए कहा कि वह मॉडरेट समाजवादी थे। वह कांग्रेस के विरोध ही नहीं थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या में राम मंदिर विवाद निपटाने की स्थिति में आ गया था। सुबोधकांत सहाय ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को राजनीतिक ईमानदार बताया। उन्होंने कहा कि आज के हालात में संवाद, बहस और सवाल करना खत्म हो गया है। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति रमाशंकर सिंह ने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र को जीवित रखने के संकल्प का दिन है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर मैं लोकतांत्रिक साहस था। वह व्यक्तित्व की राजनीति के खिलाफ थे, वह विचार को सामाजिक परिवर्तन के हामी थे। सहभागिता और असहमति लोकतंत्र की आत्मा है। इसके लिए नागरिकों को चिंता करने की जरूरत है। आज नागरिकों में निडरता की कमी हो गई है और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे नागरिक बोध खत्म हो गया है।  इस अवसर पर राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने अपने परिवार और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के संबंधों का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और उनके कार्यों की सराहना की। चंद्रशेखर जन्मशती समारोह के मुख्य संयोजक और प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सहयोगी रहे अशोक श्रीवास्तव ने जन्मशती समारोह की जरूरत का जिक्र करते हुए विस्तार से इस कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ अपने संस्मरणों को भी साझा किया।

 पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा की मांग 

कार्यक्रम में आईटीएम के कुलाधिपति रमाशंकर सिंह ने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्यसभा सांसद श्री अशोक सिंह से आग्रह किया कि वे ग्वालियर में चंद्रशेखर की प्रतिमा स्थापित की जाए इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएं।कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर जी की चित्र पर पुष्प अर्पित कर मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुबोध कांत सहाय सहित अन्य अतिथियों ने किया किया इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन श्री राजवीर राठौर और आभार श्री राकेश शर्मा बल्लरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजन समिति में विशेष रूप से पूर्व मंत्री श्री रमाशंकर सिंह, श्री अरुण सिंह तोमर ,श्री अभिमन्यु सिंह सेंगर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।