100% क्लेम पर बैन के खिलाफ Dabur पहुंचा Delhi High Court, FSSAI पर भेदभाव का आरोप

Dabur की FSSAI के आदेश को चुनौती, ₹150 करोड़ के स्टॉक पर संकट का दावा, कहा- कॉम्पिटिटर्स को फायदा पहुंचा रही FSSAI 

100% क्लेम पर बैन के खिलाफ Dabur पहुंचा Delhi High Court, FSSAI पर भेदभाव का आरोप

नई दिल्ली। FMCG कंपनी Dabur ने 100% क्लेम वाले प्रोडक्ट्स पर रोक लगाने के Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) के आदेश के खिलाफ Delhi High Court का रुख किया है। कंपनी ने अपनी याचिका में FSSAI पर भेदभाव करने और दूसरी कंपनियों के व्यावसायिक हितों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।

100% क्लेम पर FSSAI ने लगाई थी रोक

FSSAI ने प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स के विज्ञापनों और लेबल पर 100% Pure, 100% Natural और 100% Organic जैसे दावों को भ्रामक बताया था। रेगुलेटर का कहना है कि इस तरह के दावे Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के नियमों के खिलाफ हैं।

FSSAI ने ऐसे दावों वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया था। साथ ही Dabur से 15 दिन के भीतर Action Taken Report (ATR) भी मांगी गई थी। रेगुलेटर के अनुसार, इस तरह के दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और दूसरे निर्माताओं के प्रोडक्ट्स की छवि को प्रभावित कर सकते हैं।

Dabur ने कार्रवाई को बताया एकतरफा

Dabur ने 6 अगस्त को Delhi High Court में दायर अपनी याचिका में FSSAI के आदेश को बिना पर्याप्त विचार के जारी किया गया और एकतरफा बताया। कंपनी का कहना है कि उसे आदेश जारी करने से पहले अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।

कंपनी ने यह भी दावा किया कि 100% क्लेम किसी दूसरे निर्माता या उसके प्रोडक्ट का संदर्भ देकर इस्तेमाल नहीं किया जाता। Dabur के अनुसार, यह शब्द पूरी FMCG इंडस्ट्री में लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है।

Dabur ने FSSAI के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि ऐसे दावों से दूसरी कंपनियों के प्रोडक्ट्स प्रभावित होते हैं। कंपनी का आरोप है कि कार्रवाई जनहित में नहीं, बल्कि दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के कॉमर्शियल हितों को बढ़ावा देने के लिए की गई।

11 प्रमुख प्रोडक्ट्स पर असर

Dabur के मुताबिक, FSSAI की कार्रवाई से उसके 11 प्रमुख फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स प्रभावित हुए हैं। इनमें Dabur Honey, Dabur Virgin Coconut Oil और Real Activ Coconut Water जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं।

कंपनी का आरोप है कि FSSAI ने प्रोडक्ट्स के लेबल की पर्याप्त जांच किए बिना ही कार्रवाई की। Dabur ने यह भी कहा कि Dabur Homemade Coconut Milk और Dabur Cold Pressed Sesame Oil जैसे कुछ प्रोडक्ट्स के लेबल पर 100% का दावा था ही नहीं, फिर भी उन्हें बैन की सूची में शामिल कर दिया गया।

₹150 करोड़ की इन्वेंट्री का दावा

Dabur ने अदालत को बताया कि इस आदेश से करीब ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री पर संकट पैदा हो गया था। कंपनी के अनुसार, अगर प्रोडक्ट्स की बिक्री और लेबल इस्तेमाल पर रोक जारी रहती, तो बड़ी मात्रा में तैयार माल खराब या बेकार होने का खतरा था।

24 अगस्त तक FSSAI के आदेश पर रोक

मामले की सुनवाई करते हुए Delhi High Court ने Dabur को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक रोक लगा दी है। अदालत ने माना कि इस तरह का निर्देश जारी करने से पहले संबंधित कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। अब मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। इस दौरान अदालत FSSAI की कार्रवाई और Dabur की आपत्तियों पर आगे विचार करेगी।