मऊगंज में हाथी जोड़े की सुरक्षा में चूक: हाथी की मौत के बाद दूसरा हाथी आक्रामक, क्षेत्र में दहशत
मऊगंज में करंट से हाथी की मौत। तीन माह से सीधी-मऊगंज-रीवा क्षेत्र में भटक रहा था जोड़ा। मलकपुर में राष्ट्रीय धरोहर की मौत के बाद इलाके में मचा हड़कंप, वन विकास निगम की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल।
राजेंद्र पयासी@ मऊगंज : मऊगंज के वन परिक्षेत्र हर्रहा, बहेराडाबर बीट के ग्राम मलकपुर में शनिवार सुबह एक हाथी का शव खत के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआती जानकारी के आधार पर मौत का कारण करंट लगना बताया जा रहा है।
वन विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पशु चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाथी वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची -1 में अधिसूचित राष्ट्रीय धरोहर है।
जानकारी अनुसार, दोनों हाथी पिछले लगभग तीन महीने से सीधी- मऊगंज-रीवा के अंतर- जिला वन क्षेत्रों एवं राजस्व क्षेत्रों में घूम रहा था। यह जोड़ा बांधवगढ़- संजय टाइगर रिजर्व कॉरिडोर रास्ते से भटककर इस क्षेत्र में आ गया था। पिछले एक सप्ताह से इसकी मौजूदगी मऊगंज जिले में देखी जा रही थी, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन अमले को दी थी।
नियम के मुताबिक शेड्यूल-1 वन्यजीवों के लिए 24 घंटे निगरानी और ट्रैकिंग, हाथी मित्र दल की तैनाती और लोगों को सतर्क करने के लिए मुनादी की जानी चाहिए थी लेकिन इस घटना में ये जरूरी व्यवस्थाओ की कमी दिखाई दे रही है।
प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल
मऊगंज जिले के कुल वन क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत भाग मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के प्रबंधाधीन है, शेष 30 प्रतिशत सामान्य वन मंडल के अधीन है। जिला गठन के दो साल बीत जाने के बाद भी निगम का मंडल कार्यालय वर्तमान में भी जिला सीधी से संचालित हो रहा है।
आरोप है कि वन विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का मुख्यालय रीवा/सीधी में होने के कारण घटना की जानकारी मिलने के बाद वे मौके पर देर से पहुंचे। हालांकि, वनरक्षक और स्थानीय वन विभाग का अमला घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गया था।

दूसरे हाथी के आक्रामक व्यवहार से सुरक्षा चुनौती
हाथी की मौत के बाद उसका साथी हाथी आक्रामक हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथी मृत हाथी के शव के पास खड़ा होकर चिंघाड़ रहा है, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल है।
वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, हाथी के उग्र व्यवहार के बावजूद टीम ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ शव तक पहुंचकर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

कलेक्टर एवं डीएफओ ने क्या कहा?
वन विकास निगम के डीएफओ राकेश कोडपे ने फोन पर बताया कि सूचना प्राप्त होते ही विभागीय दल को रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही पुलिस एवं वन अमला सुबह 6 बजे मौके पर पहुंच गया था। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तय की गई सुरक्षित दूरी/सीमा के अंदर न जाएं और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न करें।

