Saurabh Chandrakar Arrested : महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, ओमान से भारत लाई CBI
Saurabh Chandrakar Arrested : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ने गिरफ्तार कर लिया है। CBI ने उसे ओमान में पकड़ा और प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया।
Saurabh Chandrakar Arrested : रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में CBI को बड़ी सफलता मिली है। नेटवर्क के प्रमोटर और मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। रविवार (1 नवंबर) को CBI की विशेष टीम उसे मस्कट से लेकर भारत पहुंची। अब उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश करने की तैयारी है।
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर हुई गिरफ्तारी
CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे 18 जून 2026 को हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और ED ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान को प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजा। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत लाया गया। इस कार्रवाई में इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों ने सहयोग किया।
पहले CBI कोर्ट में होगी पेशी
भारत पहुंचने के बाद सौरभ का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद CBI ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर ले जाएगी। वहां विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। उसके खिलाफ CBI के दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं। वहीं ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम
CBI की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर सट्टा लगाया जाता था। देशभर में पैनल और ब्रांच बनाकर लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टे की रकम कई बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद अलग-अलग लेनदेन और हवाला के जरिए पैसा विदेश भेजा जाता था। सरकारी कर्मचारियों को प्रोटेक्शन मनी देने के आरोप भी सामने आए हैं।
भिलाई की जूस दुकान से शुरू हुआ सफर
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह पहले जूस की दुकान चलाता था। वर्ष 2017 में उसने रवि उप्पल के साथ ऑनलाइन सट्टे का कारोबार शुरू किया। बाद में दुबई से नेटवर्क का विस्तार किया। अब जांच एजेंसियां उससे कथित आर्थिक लेनदेन, विदेशी संपत्तियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करेंगी।
सौरभ चंद्राकर केस की टाइमलाइन
30 मार्च 2022: दुर्ग के मोहन नगर थाने में पहली FIR नंबर 112/2022 दर्ज।
29 जुलाई 2022: इस FIR में फाइनल रिपोर्ट नंबर 157/2022 पेश।
6 अक्टूबर 2022: ED ने इसी FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
20 अक्टूबर 2023: ED ने 14 आरोपियों के खिलाफ पहली अभियोजन शिकायत दाखिल की।
4 मार्च 2024: छत्तीसगढ़ EOW-ACB ने महादेव ऐप मामले में FIR दर्ज की।
22 अगस्त 2024: राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपने के लिए अधिसूचना जारी की।
जनवरी 2025: EOW ने CBI को केस डायरी सौंपी।
18 जून 2026: ओमान की रॉयल पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर सौरभ को हिरासत में लिया।
8 जुलाई 2026: भारत ने ओमान को नया प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा।
1 नवंबर 2026: CBI की टीम सौरभ को ओमान से भारत लेकर पहुंची।
2 नवंबर 2026: रायपुर की विशेष CBI अदालत में सौरभ को पेश किया जाना है।

