ट्विशा शर्मा मौत मामला: घटना के अगले दिन सास ने जुटाए CCTV फुटेज, क्राइम सीन से छेड़छाड़ की आशंका
ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने खुलासा करते हुए बताया कि घटना के अगले ही दिन आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने CCTV फुटेज जुटाने की कोशिश की थी।
Twisha Sharma Death Case : भोपाल की मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने काउंटर एफिडेविट में कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उनकी सास गिरिबाला सिंह ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने उस ब्यूटी पार्लर के फुटेज भी जुटाए थे, जहां ट्विशा घटना से एक दिन पहले गई थीं।
CBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि आरोपियों का सामाजिक और पेशेवर प्रभाव भोपाल में चल रहे मुकदमे की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि आरोपी गवाहों पर दबाव बना सकते हैं और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आधार पर मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग से जुड़े घटनाक्रम में CBI ने अपना पक्ष रखा है।
CCTV फुटेज जुटाने में सक्रिय हुई थीं सास
CBI के 29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल काउंटर एफिडेविट के अनुसार, 13 मई 2026 को गिरिबाला सिंह ने एक CCTV तकनीशियन से संपर्क किया था। उन्होंने घटना के समय के आसपास की रिकॉर्डिंग की कॉपी हासिल करने के लिए फोन किया था।
जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि उसी दिन गिरिबाला सिंह ने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से संपर्क कर 12 मई को ट्विशा के पार्लर आने और वहां से जाने से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके बाद कुछ लोगों को पार्लर भेजकर वहां लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी हासिल की गई थी।
CBI ने इन गतिविधियों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना है। एजेंसी का कहना है कि घटना के तुरंत बाद इस तरह CCTV फुटेज जुटाने की कोशिशों की जांच की गई है। मामले में इन रिकॉर्डिंग को हासिल करने के पीछे की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हैं।
रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं आरोपी सास
इस मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की पृष्ठभूमि भी CBI के जवाब का अहम हिस्सा है। काउंटर एफिडेविट के मुताबिक, गिरिबाला सिंह जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। घटना के समय वह भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं।
वहीं, उनके बेटे समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। CBI ने दोनों की सामाजिक और पेशेवर स्थिति का उल्लेख करते हुए आशंका जताई है कि भोपाल में चल रहे ट्रायल के दौरान इसका प्रभाव पड़ सकता है। एजेंसी के अनुसार, गवाहों को प्रभावित करने या डराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
17 अगस्त को दोनों आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
CBI ने इस मामले में 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप पत्र पेश किया गया है।
इन धाराओं में पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा मंशा से किए गए अपराध से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, मामले में दहेज मृत्यु और अन्य पहलुओं को लेकर जांच जारी बताई गई है।
फिलहाल भोपाल की अदालत में मामले की सुनवाई से पहले आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब के जरिए CBI ने ट्रायल के स्थान और उसकी निष्पक्षता से जुड़े अपने पक्ष को सामने रखा है।
पिता ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई ट्रायल दिल्ली स्थानांतरित करने की याचिका
ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने मामले की सुनवाई भोपाल की अदालत से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल को दिल्ली ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
इसी याचिका पर CBI ने अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल किया है। जांच एजेंसी ने अपने जवाब में आरोपियों के प्रभाव और गवाहों पर संभावित दबाव को लेकर चिंता जाहिर की है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पक्षों की दलीलें और जांच एजेंसी की ओर से रखे गए तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।
12 मई को ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा शर्मा
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। घटना के बाद ससुराल पक्ष की ओर से इसे आत्महत्या बताया गया था, जबकि मायके पक्ष ने उनकी मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या के आरोप लगाए थे।
मामले में शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित AIIMS के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। 24 मई को दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था।
अब इस मामले में CCTV फुटेज से जुड़ी जानकारी और CBI की ओर से सुप्रीम कोर्ट में रखे गए तथ्यों ने जांच को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिवार निष्पक्ष सुनवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसी ने गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की निष्पक्षता को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर की हैं।

