Mauganj News : हफ्ता-पखवाड़ा में एक बार आते हैं अधिकारी, अवैध कारोबारियों की मौज, जन-स्वास्थ्य खतरे में
Mauganj News : आरोप है कि अधिकारी रीवा में रहकर सप्ताह या पखवाड़े में कभी-कभार ही मऊगंज पहुंचते हैं। इससे जिले में खाद्य कारोबार की नियमित निगरानी प्रभावित हो रही है।
राजेंद्र पयासी @ मऊगंज
मऊगंज जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और मुख्यालय में निवास न करने की प्रवृत्ति के कारण अवैध खाद्य कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। जिले के गठन के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय मऊगंज में निवास करने के बजाय रीवा में रह रहे हैं और हफ्ता, पखवाड़ा या महीने में एक-दो बार ही अपने पदस्थापना क्षेत्र में आते हैं। इसका सीधा लाभ अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों तथा बिना लाइसेंस वाले खाद्य प्रतिष्ठानों को मिल रहा है।
नियमों के मुताबिक खाद्य कारोबार के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और नियम के अनुसार उसका नवीनीकरण होना चाहिए, लेकिन मऊगंज में न तो नए लाइसेंस की जांच हो रही है और न ही पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण की। दर्जनों प्रतिष्ठान बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के निर्माण से लेकर विक्रय तक का कार्य कर रहे हैं, जबकि लाइसेंसी दुकानदार भी नवीनीकरण कराए बिना वर्षों से कारोबार कर रहे हैं।
विभाग की इस अनदेखी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिना जांच-परख के तैयार हो रहे खाद्य पदार्थों से जन-स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जानकारों का कहना है कि नियमित जांच न होने से मिलावट और अमानक स्तर की सामग्री के उपयोग की संभावना बढ़ गई है।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय ने कहा अधिकारियों के मुख्यालय से नदारद रहने के कारण फील्ड में निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है। शिकायतों के बाद भी न तो सघन जांच अभियान चलाया जाता है और न ही अवैध कारोबारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही की जाती है, जिससे प्रदूषण खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
जनहित में प्रशासन से मांग
जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मुख्यालय मऊगंज में निवास करना अनिवार्य किया जाए, जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का सर्वे कराकर बिना लाइसेंस संचालित अमानक सामग्री बेचने वाले दुकानों को सील किया जाए और नियमित जांच अभियान चलाकर जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।

