Punjab AAP Crisis : दो AAP विधायकों ने छोड़ी पार्टी, बोले- केजरीवाल की गारंटियां अधूरी, लिस्ट में नाम नहीं था
Punjab AAP Crisis : पंजाब में AAP की पहली उम्मीदवार सूची के बाद चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया। दोनों ने भगवंत मान सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने के आरोप लगाए।
Punjab AAP MLA Resignation : पटियाला। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। फिलहाल पार्टी ने इन दोनों विधानसभा सीटों पर नए उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा भी तेज है।
सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप
दोनों पूर्व विधायकों ने भगवंत मान सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार ने पंजाब से नशा खत्म करने, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने तथा किसानों को फसलों पर MSP देने की गारंटी दी थी। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने नशे के मुद्दे पर कहा कि राज्य में कई जगह आसानी से नशीले पदार्थ मिल रहे हैं। नशे के आदी लोगों का इलाज कराने के बजाय उनके खिलाफ पुलिस मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
हरमीत पठानमाजरा ने साधा निशाना
विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान को आगे करके दिल्ली के नेता पंजाब में अपनी मर्जी चला रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। वहीं, चेतन सिंह जौड़ामाजरा पहले भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कुछ समय पहले पार्टी ने समाना सीट पर पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज बना दिया था। इसे भी उनकी नाराजगी की वजह माना जा रहा है।
हरपाल चीमा और अमन अरोड़ा ने किया पलटवार
दो विधायकों के इस्तीफे के बाद AAP नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि भाजपा ऐसे लोगों को अपने साथ जोड़ रही है, जिन्हें दूसरी पार्टियों ने किनारे कर दिया है। पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास पंजाब में अपना जनाधार नहीं है। पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि दोनों विधायकों को उनके कामकाज के कारण पहले ही संगठन में किनारे कर दिया गया था।
चेतन जौड़ामाजरा के दो विवाद रहे चर्चा में
चेतन सिंह जौड़ामाजरा स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए जुलाई 2022 में फरीदकोट मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान विवादों में आए थे। उन्होंने तत्कालीन कुलपति डॉ. राज बहादुर को अस्पताल के गंदे गद्दे पर लेटने के लिए कहा था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद कुलपति ने इस्तीफा दे दिया था। अप्रैल 2025 में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से फटकारने पर भी उनकी आलोचना हुई थी। बाद में उन्होंने शिक्षकों से माफी मांगी थी।
पठानमाजरा पर दर्ज रहे आपराधिक मामले
हरमीत सिंह पठानमाजरा भी कई विवादों के कारण चर्चा में रहे हैं। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोपों में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा अवैध खनन से जुड़ा मामला भी सामने आया था। जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में पंजाब पुलिस ने उन्हें मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार किया था। बाद में मई 2026 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश बताया था।
पंजाब की राजनीति में आगे क्या होगा?
दो विधायकों के इस्तीफे के बाद पंजाब में AAP की राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। एक तरफ पार्टी नेतृत्व इसे संगठनात्मक अनुशासन का मामला बता रहा है, वहीं इस्तीफा देने वाले विधायक सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा में उनके संभावित प्रवेश को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों विधायक किस राजनीतिक दल का दामन थामते हैं और AAP इन सीटों पर किसे उम्मीदवार बनाती है।

