VIDEO: पंचकूला के स्कूल में खूनी हमला, तीसरी के छात्र ने KG की बच्ची को पत्थरों से पीटा... बेहोश होने पर भी नहीं रुका 

रुकापंचकूला के सेक्टर-20 स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र ने KG में पढ़ने वाली बच्ची पर कथित तौर पर पत्थरों और गमले से हमला कर दिया. आरोप है कि बच्ची के बेहोश होने के बाद भी छात्र उसे घसीटता रहा और पत्थरों से मारता रहा. गंभीर रूप से घायल बच्ची को सेक्टर-6 अस्पताल से PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है.

VIDEO: पंचकूला के स्कूल में खूनी हमला, तीसरी के छात्र ने KG की बच्ची को पत्थरों से पीटा... बेहोश होने पर भी नहीं रुका 

 Panchkula News: हरियाणा के पंचकूला से स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर-20 स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने KG में पढ़ने वाली बच्ची पर कथित तौर पर हमला कर दिया। आरोप है कि छात्र ने बच्ची को पत्थरों और गमले से बुरी तरह पीटा। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे पहले पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

घटना के सामने आने के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। वहीं, मामले को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी सख्ती दिखाई है। आयोग के जस्टिस ललित बत्रा ने कहा है कि बच्चों की मानसिकता को समझने के लिए एक विशेष सिस्टम तैयार किया जाएगा।

बेहोश होने के बाद भी बच्ची पर हमला करता रहा छात्र

मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर में हुई इस घटना के दौरान आरोपी छात्र ने पहले बच्ची पर पत्थरों से हमला किया। इसके बाद उसने गमला उठाकर बच्ची को चोट पहुंचाई। आरोप है कि बच्ची के बेहोश होने के बाद भी छात्र नहीं रुका। वह उसे काफी देर तक घसीटता रहा और पत्थरों से हमला करता रहा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

सेक्टर-6 अस्पताल से PGI चंडीगढ़ रेफर

घटना के बाद बच्ची को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

शुरुआती जानकारी में बच्ची को स्पेशल चाइल्ड बताया गया था, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि वह सामान्य बच्ची है।

स्कूल पहुंची पुलिस, छात्र के माता-पिता से पूछताछ

मामले की सूचना मिलते ही सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से घटना को लेकर जानकारी जुटाई है। इसके अलावा हमला करने वाले छात्र के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी कम उम्र के बच्चे ने इस तरह का हमला किन परिस्थितियों में किया। घटना के दौरान स्कूल में निगरानी की क्या व्यवस्था थी और इतनी गंभीर घटना कैसे हुई, इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

बच्चों की मानसिकता समझने के लिए बनेगा विशेष सिस्टम

पंचकूला स्कूल की इस घटना पर मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि बच्चों की मानसिकता को समझने के लिए एक विशेष सिस्टम बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए बच्चों के व्यवहार और उनकी मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझने पर ध्यान दिया जाएगा।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

स्कूल के भीतर हुई इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और स्कूल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल परिसर में इतनी गंभीर घटना कैसे हुई और उस समय निगरानी व्यवस्था कहां थी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ के PGI में भर्ती कराया गया है।

MP में भी ऐसा ही मामला

इसी तरह का एक मामला मध्य प्रदेश के मंदसौर से भी सामने आया था। यहां शामगढ़ में चॉकलेट को लेकर हुए विवाद के बाद 12 साल की बच्ची ने 4 साल के मासूम कृष्णपाल उर्फ बाबू को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले बच्ची ने बाबू की चॉकलेट ले ली थी, जिस पर उसकी मां ने उसे डांट दिया था। इसी बात से नाराज होकर बच्ची ने बदला लेने की योजना बनाई। आरोप है कि 24 अक्टूबर को उसने चॉकलेट देने के बहाने बाबू को अपने घर बुलाया और छत पर बनी पानी की टंकी में धकेल दिया। इसके बाद टंकी को पत्थर से ढंक दिया, जिससे बच्चे की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने नाबालिग बच्ची को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। इस घटना ने बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्थिति और उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।