शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों का हुआ अद्भुत संगम : कच्चे घड़ों को आकार देते शिल्पकारों का हुआ अभिनंदन
Mauganj News : शिक्षक सम्मान समारोह में गूंजा विद्या का जयघोष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला इकाई मऊगंज के तत्वावधान में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
राजेंद्र पयासी @ मऊगंज
मऊगंज स्थित शगुन पैलेस का प्रांगण उस समय शिक्षा-तीर्थ में परिवर्तित हो गया, जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला इकाई मऊगंज के तत्वावधान में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का शुभारंभ हुआ। विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि के साथ शुरू हुए समारोह में शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों की त्रिवेणी अविरल बही। जिले के कोने-कोने से आए विद्यालय संचालकों और शिक्षकों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन शिल्पकारों के प्रति कृतज्ञता का महापर्व था, जो कच्चे घड़े रूपी बालमन को गढ़कर राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं।

अतिथियों के उद्गार बने जीवन-सूत्र
समारोह के मुख्य अतिथि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि जहां संस्कृति पुष्पित होती है, वहीं संस्कार सुगंधित होते हैं। हमारी संस्कृति प्रकृति के कण-कण, पर्वतों की अडिगता और ऋषियों के तप से सिंचित है, यही भारत की शाश्वत आत्मा है।

उन्होंने संस्कारित शिक्षा पर जोर देते हुए कहा आज शिक्षा के वटवृक्ष की शाखाएं तो विस्तार पा रही हैं, परंतु संस्कारों की जड़ें शनैः-शनैः सूख रही हैं। बालक अक्षर तो सीख रहा है, परंतु आचरण भूल रहा है। अब समय आ गया है कि ब्लैकबोर्ड पर अंकों के पहाड़े के साथ जीवन के संस्कार भी लिखे जाएं।

उन्होंने कहा कि सम्मान मांगा नहीं जाता, दिया जाता है। शिक्षक का सम्मान उसके वस्त्रों में नहीं, उसके चरित्र और गुणों में बसता है। शिक्षक स्वयं एक पाठशाला है। सरकार अच्छी शिक्षा के लिए भारी भरकम राशि खर्च करती है, लेकिन अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्राइवेट स्कूलों की व्यवस्था पर ही भरोसा करती है। निजी विद्यालयों के शिक्षक न केवल बेहतर शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि सरकारी खजाने की बचत में भी सहयोग कर रहे हैं।

इस दौरान समारोह के विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान के साथ आत्म-ज्ञान देना ही सच्ची गुरु-दक्षिणा है। शिक्षा और विद्या दो सहोदर बहनें हैं, पर उनके आंगन अलग हैं। शिक्षा बाजार में खड़े होने की चतुराई सिखाती है, जो धन, पद और प्रतिष्ठा की दौड़ में सभ्य बनाती है।

वहीं विद्या भीड़ में भी अकेले खड़े होने का साहस देती है, जो भोग से योग की ओर ले जाकर सुसंस्कारी बनाती है। शिक्षा से सफल मानव बना जा सकता है, पर महामानव बनने के लिए विद्या की गंगा में अवगाहन करना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश महासचिव लक्ष्मीकांत मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान पत्र नहीं, गुरु-ऋण की छोटी सी पावती है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष आरडी शर्मा सहित शिक्षाविदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षक को राष्ट्र की आत्मा का शिल्पी बताया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आशीष मिश्रा ने किया।

होनहार विद्यार्थियों का सम्मान
आयोजित सम्मान समारोह दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रीवा संभाग अध्यक्ष डॉ. सुयश सिंह, रीवा जिला अध्यक्ष आरके शर्मा, सतना जिला अध्यक्ष मनोज दुबे अकेला, सीधी जिला अध्यक्ष आरबी सिंह, सिंगरौली जिला अध्यक्ष राजेश पटेल, मऊगंज जिला अध्यक्ष राम सुफल शुक्ला, जिला महासचिव प्रमोद सिंह रक्सेल, जिला सचिव सतीश पटेल, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार सोनी, नईगढ़ी ब्लॉक अध्यक्ष हर्ष नारायण मिश्रा, देवतालाब ब्लॉक अध्यक्ष रविराज सिंह, मऊगंज ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पटेल, हनुमना ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी सहित जिले के समस्त निजी विद्यालयों के संचालक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।


