जबलपुर महापौर की पहल: 27 मेधावी छात्रों को कराई हवाई यात्रा, इंदौर के 5-स्टार होटल में रुकेंगे

85% से ज्यादा अंक लाने वाले नगर निगम स्कूलों के 27 बच्चों का सपना हुआ पूरा, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने फ्लाइट से भेजा इंदौर, महापौर गुरुकुल के जरिए निःशुल्क कोचिंग के साथ संगीत, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिल रही ट्रेनिंग

जबलपुर महापौर की पहल: 27 मेधावी छात्रों को कराई हवाई यात्रा, इंदौर के 5-स्टार होटल में रुकेंगे

जबलपुर। नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की पहल के तहत 27 मेधावी छात्र-छात्राओं को हवाई यात्रा का अवसर मिला। 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले इन विद्यार्थियों को 23 अक्टूबर 2026 को डुमना एयरपोर्ट से विमान के जरिए इंदौर रवाना किया गया। यात्रा के दौरान बच्चों के लिए इंदौर के 5 स्टार होटल में ठहरने और शहर की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का भ्रमण करने की व्यवस्था भी की गई है। महापौर ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नगर निगम के स्कूलों के बच्चे किसी भी मायने में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से कम नहीं हैं।

85 प्रतिशत अंक लाने पर हवाई यात्रा का वादा

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने नगर निगम स्कूलों के विद्यार्थियों से वादा किया था कि जो बच्चे परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करेंगे, उन्हें हवाई यात्रा कराई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए यह किसी सपने से कम नहीं था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बच्चों ने नियमित पढ़ाई के साथ मेहनत की। नगर निगम के शिक्षकों और महापौर गुरुकुल के माध्यम से उन्हें निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई गई। साथ ही खेलकूद और संगीत जैसी गतिविधियों में भी प्रशिक्षण दिया गया।

इसका परिणाम रहा कि इस वर्ष 27 विद्यार्थियों ने निर्धारित अंक हासिल किए और उन्हें हवाई यात्रा का अवसर मिला। एयरपोर्ट से इंदौर रवाना होने के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। महापौर की शुभकामनाएं पाकर कई विद्यार्थियों की आंखें खुशी से छलक उठीं। विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने सपने के साकार होने जैसा बताया और महापौर के प्रति आभार जताया।

पहले भी 38 विद्यार्थियों को मिल चुका है मौका

महापौर ने बताया कि यह पहल पिछले वर्षों में भी जारी रही है और अब तक 38 विद्यार्थियों को हवाई यात्रा कराई जा चुकी है। इस बार भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर भ्रमण की व्यवस्था की गई है। महापौर का कहना है कि नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और अपनी क्षमता दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराने की है।

इस पहल के तहत विद्यार्थियों को केवल हवाई यात्रा ही नहीं कराई जाती, बल्कि उनके ठहरने और शहर की महत्वपूर्ण जगहों को देखने की व्यवस्था भी की जाती है। इंदौर भ्रमण के दौरान बच्चे वहां की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों के साथ साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी करीब से समझेंगे। इससे उन्हें किताबों में पढ़ी जाने वाली जानकारियों के अलावा व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

इन स्कूलों के विद्यार्थियों को मिला अवसर

इस वर्ष यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों में नगर निगम कन्या शाला गोविंदगंज, नेताजी सुभाषचंद्र बोस उच्चतर माध्यमिक शाला तिलवाराघाट, लक्ष्मी नारायण यादव उच्चतर माध्यमिक शाला रांझी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद उच्चतर माध्यमिक शाला गौरीघाट और कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला घमापुर के विद्यार्थी शामिल हैं।

इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय जीसीएफ, शासकीय एमएलबी एवं मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेंट ग्रेबियल, लिटिल किंगडम और नगर निगम संस्कृत महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों के नाम भी सूची में शामिल हैं। विद्यार्थियों में मैनाज बानो, वैष्णवी सोनी, कशिश कोष्टा, नंदनी गोटिया, कुमकुम अहिरवार, अफरह अंसारी, दुर्गेश्वरी चौधरी, जोया परवीन, दिव्यांशु कुशवाहा, नितेश ठाकुर, आयुष केवट, सूर्य प्रकाश उपाध्याय, विश्व प्रताप सिंह, सारंग सेन, तनिष्क मरावी, निकिता उसरेठे, यशोदा अहिरवार, रिया बेन, समृद्धि साहू, कनक विश्वकर्मा, ओम चौकसे, कीर्ति पाण्डेय, अवनी सेन, सुनील कुमार तिवारी और इशिका गुप्ता सहित अन्य विद्यार्थियों के नाम दिए गए हैं।

इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज, एमआईसी सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, रजनी कैलाश साहू, अंशुल राघवेंद्र यादव और पार्षद मोनिका पुष्पेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रभारी शिक्षा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, महापौर गुरुकुल से जुड़े मैकलसुता इंस्टीट्यूट के संचालक जयदीप मिश्रा, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे।

2022 में हुई थी महापौर गुरुकुल की शुरुआत

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने साल 2022 में पदभार संभालने के बाद नगर निगम स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से महापौर गुरुकुल की शुरुआत की थी। नगर निगम के पांच स्कूलों में लगभग 2000 विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने के बीच यह महसूस किया गया कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन और अतिरिक्त गतिविधियों के अवसर दिए जाने चाहिए। इसी सोच के तहत मैकलसुता इंस्टीट्यूट के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई।

महापौर गुरुकुल में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ संगीत, नृत्य, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

स्मार्ट क्लास से लेकर खेल प्रशिक्षण तक की सुविधा

महापौर गुरुकुल के अंतर्गत नगर निगम स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्मार्ट क्लास के माध्यम से पांचों स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाने की व्यवस्था है। इससे बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षा और बेहतर अध्ययन सामग्री तक पहुंच मिलती है।

सालभर आयोजित होने वाली गतिविधियों में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों का प्रदर्शन, संयुक्त वार्षिकोत्सव और परीक्षा से पहले विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए परीक्षा पूर्व मंथन शामिल हैं। ग्रीष्मकालीन शिविर में तैराकी, शूटिंग, क्रिकेट, फुटबॉल और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

महापौर की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अच्छे अंक लाने के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें नए अनुभव देना भी है। हवाई यात्रा और इंदौर भ्रमण जैसे अवसर बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा उनके सामने शिक्षा और भविष्य की नई संभावनाएं खोलने का माध्यम बन रहे हैं।