'मन की बात' का 139वां एपिसोड: PM की अपील- त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों से खरीदें सामान, MP की शिवानी के अंगदान का उदाहरण
मन की बात के 12 साल पूरे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल की यात्रा को बताया तीर्थ यात्रा के समान; खादी, अंगदान और पारंपरिक खेती का किया जिक्र, लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील, कहा- बिहार का मखाना और कर्नाटक की अरहर दाल ग्रीस विदेशों तक पहुंची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की यात्रा के 12 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 12 साल पहले विजयादशमी के पावन पर्व पर इसकी शुरुआत हुई थी। यह यात्रा उनके लिए देशवासियों को करीब से जानने और समझने की तीर्थ यात्रा के समान है। कार्यक्रम के जरिए देशभर के लोगों के प्रयासों, उपलब्धियों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाया जाता रहा है।
त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों को दें प्राथमिकता
PM मोदी ने त्योहारों के अवसर पर खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों, छोटे कारोबारियों और उनके परिवारों को प्रोत्साहन मिलता है। भारत के पारंपरिक उत्पादों की पहचान अब देश की सीमाओं से बाहर भी बढ़ रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस तक पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव में अपनी जगह बना रही है। इससे भारतीय किसानों और स्थानीय उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुल रहे हैं।
भाई परमानंद की 150वीं जयंती का किया जिक्र
PM मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद की 150वीं जयंती का उल्लेख किया, जो 4 नवंबर को मनाई जाएगी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और आर्य समाज तथा गदर पार्टी से उनके जुड़ाव को याद किया। भाई परमानंद ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और काला पानी की सजा भी काटी थी। प्रधानमंत्री ने उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानने की जरूरत पर जोर दिया।
मध्य प्रदेश की शिवानी के अंगदान का उदाहरण
PM मोदी ने अंगदान के महत्व को समझाते हुए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी का उदाहरण दिया। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से प्रभावित होने के बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया। इस निर्णय से दूसरे जरूरतमंद लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिल सकती है। प्रधानमंत्री ने ऐसे फैसलों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
खादी की बिक्री और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उल्लेख
PM मोदी ने बताया कि गांधी जयंती के अवसर पर एक ही दिन में खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ज्यादा बताया गया। उन्होंने देशभर में संचालित लगभग 1 लाख 90 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का भी उल्लेख किया, जो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रहे हैं।
पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
PM मोदी ने पंजाब में 'खेती विरासत मिशन' संस्था के प्रयासों का जिक्र किया। संस्था ऑर्गेनिक फार्मिंग और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रही है। पंजाब के मालवा क्षेत्र में कपास की प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 'नव-त्रिंजन' नाम से पहल की गई है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, अंगदान और पारंपरिक खेती जैसे विषयों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को रेखांकित किया गया।
Varsha Shrivastava 
