Healing for World Peace 2.0: भोपाल बनेगा विश्व शांति का वैश्विक केंद्र, 25 अक्टूबर को आयोजन

अनंत ऊर्जा सफर फिर से ला रहा है 'हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस 2.0', जीव-जगत-जगदीश्वर की थीम पर भोपाल से उठेगी विश्व शांति की आवाज, 360° इमर्सिव विजुअल एक्सपीरियंस के साथ योग, ऊर्जा हीलिंग और कथा-जैमिंग का संगम, 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों के ऑफलाइन जुड़ने की उम्मीद, जबकि विभिन्न देशों से कई लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे

Healing for World Peace 2.0: भोपाल बनेगा विश्व शांति का वैश्विक केंद्र, 25 अक्टूबर को आयोजन

भोपाल। मन की शांति से विश्व शांति की ओर बढ़ने के संकल्प के साथ अनंत ऊर्जा सफर एक बार फिर ‘Healing for World Peace 2.0’ लेकर आ रहा है। 25 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित होने वाला यह विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम सनातन दर्शन की व्यापक अवधारणा ‘जीव-जगत-जगदीश्वर’ पर आधारित होगा।

आयोजन में योग, ध्यान, ऊर्जा हीलिंग, कथा और आधुनिक इमर्सिव तकनीक के माध्यम से लोगों को आत्म-अन्वेषण और आंतरिक शांति की यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। योगिनी आर्विका गुप्ता, ऊर्जा गुरु आयुष गुप्ता और कथावाचिका पलक किशोरी इस आयोजन की प्रमुख प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों के ऑफलाइन शामिल होने की उम्मीद है, जबकि विभिन्न देशों और शहरों से लोग ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़ेंगे।

जीव-जगत-जगदीश्वर की अवधारणा पर आधारित आयोजन

‘Healing for World Peace 2.0’ का केंद्रीय विचार व्यक्ति को स्वयं से जोड़ने और उसके भीतर शांति, स्थिरता, करुणा और सजगता विकसित करने पर केंद्रित है। इसकी थीम ‘जीव-जगत-जगदीश्वर’ सनातन दर्शन की उस दृष्टि को सामने रखती है, जिसमें जीव स्वयं को जानने, जगत संपूर्ण संसार और सृष्टि से अपने संबंध को समझने और जगदीश्वर व्यापक आध्यात्मिक चेतना और परम सत्य की अनुभूति का प्रतीक है।

आयोजकों का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, जीव-जंतुओं और संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित करना है। उनका मानना है कि जब व्यक्ति अपने भीतर संतुलन और संवेदनशीलता विकसित करता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव उसके परिवार, समाज और पर्यावरण के प्रति व्यवहार में भी दिखाई दे सकता है। इसी विचार के साथ अलग-अलग देशों, धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों को एक साझा संकल्प से जोड़ने की पहल की जा रही है।

पहली बार 360° इमर्सिव विजुअल अनुभव में योग, हीलिंग और कथा-जैमिंग

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 360 डिग्री इमर्सिव विजुअल एक्सपीरियंस होगा। इसके तहत हॉल की छत और चारों दीवारों पर विशेष दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को अपने चारों ओर एक इमर्सिव वातावरण का अनुभव मिलेगा। विशेष हेडफोन्स के माध्यम से ऑडियो सुनते हुए प्रतिभागी योग, ध्यान, ऊर्जा हीलिंग और कथा-जैमिंग से जुड़ेंगे।

इस प्रारूप का उद्देश्य दृश्य और श्रव्य अनुभवों को एक साथ जोड़कर लोगों को बाहरी विकर्षणों से ध्यान हटाने और अपनी श्वास, मन सहित आंतरिक अवस्था पर केंद्रित होने का अवसर देना है। आयोजकों के अनुसार, पांचों इंद्रियों के अनुभव को सजगता और एकाग्रता से जोड़ने की यह अवधारणा कार्यक्रम को पारंपरिक सामूहिक आयोजनों से अलग पहचान देगी।

इस दौरान योगिनी आर्विका गुप्ता योग और ध्यान का मार्गदर्शन करेंगी, ऊर्जा गुरु आयुष गुप्ता ऊर्जा हीलिंग और साधना से जुड़ा अनुभव प्रस्तुत करेंगे, जबकि कथावाचिका पलक किशोरी कथा-जैमिंग के माध्यम से आध्यात्मिक विचारों, कथाओं और भावनात्मक जुड़ाव को सामने रखेंगी। कार्यक्रम में ऑफलाइन सहभागिता के साथ विभिन्न शहरों और देशों से ऑनलाइन जुड़ने वाले लोग भी निर्धारित समय पर विश्व शांति के साझा संकल्प का हिस्सा बनेंगे।

आंतरिक शांति से सामाजिक सद्भाव तक का संदेश

‘Healing for World Peace 2.0’ का संदेश है कि विश्व शांति केवल युद्ध और बाहरी संघर्षों की अनुपस्थिति तक सीमित नहीं है। व्यक्ति के भीतर स्थिरता, संतुलन और सजगता का विकास भी शांतिपूर्ण समाज की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वर्तमान समय में तनाव, एंग्जायटी और अनिश्चितता जैसी चुनौतियों के बीच मानसिक शांति और एकाग्रता का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

आयोजकों की अवधारणा है कि व्यक्ति जब अपने विचारों, भावनाओं और प्रतिक्रियाओं के प्रति अधिक सजग होता है, तो उसके व्यवहार और संबंधों में सकारात्मक बदलाव की संभावना बढ़ती है। कामकाज, भोजन, विश्राम और दैनिक गतिविधियों के दौरान भी शांति, करुणा और संतुलन का भाव बनाए रखने का प्रयास जीवन को अधिक सकारात्मक दिशा दे सकता है। इसी दृष्टिकोण से इस पहल को केवल एक दिवसीय आयोजन के बजाय जीवनशैली और सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

भोपाल को विश्व शांति केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना

इस पहल के लिए भोपाल का चयन शहर की प्राकृतिक सुंदरता, झीलों, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मध्य प्रदेश को भारत का हृदय प्रदेश कहा जाता है और भोपाल की विशिष्ट पहचान इसे आत्मचिंतन, ध्यान और शांति के संदेश से जोड़ती है। प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान में महाकाल की आस्था और मां नर्मदा का विशेष स्थान भी इस सांस्कृतिक दृष्टिकोण को व्यापकता प्रदान करता है।

अनंत ऊर्जा सफर की परिकल्पना है कि भोपाल भविष्य में विश्व शांति, योग, ध्यान, आत्म-अन्वेषण और सामूहिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक प्रेरणादायक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो। इसी उद्देश्य से ‘Healing for World Peace’ को हर वर्ष भोपाल में आयोजित करने और विभिन्न देशों, समुदायों सहित संस्कृतियों के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया गया है। इसका लक्ष्य शांति के विचार को किसी एक समुदाय या विचारधारा तक सीमित न रखकर संपूर्ण मानवता और सृष्टि के कल्याण से जोड़ना है।

संस्थानों और सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका

‘Healing for World Peace 2.0’ को सफल बनाने में विभिन्न संस्थानों, कॉर्पोरेट समूहों, शैक्षणिक संस्थानों और सहयोगी संगठनों का योगदान है। आयोजन को दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सूर्यवंशी का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ है। आयोजकों के अनुसार, उनके प्रोत्साहन और समर्थन से भोपाल से विश्व शांति का संदेश वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

इसी क्रम में सेज यूनिवर्सिटी के संजीव अग्रवाल का सहयोग भी उल्लेखनीय बताया गया है। अन्य सहयोगी संस्थानों और ब्रांड्स में सेज यूनिवर्सिटी, मानसरोवर कॉलेज, LNCT, सागर ग्रुप, ताज लेकफ्रंट, सुकून-ए-भोपाल, वाइज़लाइफ (वेलनेस पार्टनर), मध्य प्रदेश टूरिज्म, मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग, मीडिया स्क्वायर, GA Studios, अनंतम, अग्रवाल ज्वेलर्स और फिफ्थ वेदा शामिल हैं।

अनंत ऊर्जा सफर के नेतृत्व में आयोजित यह पहल विभिन्न क्षेत्रों के लोगों और संस्थानों को साझा उद्देश्य के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास है। ‘एक समय, एक संकल्प, एक इंटेंशन’ के संदेश के साथ ‘Healing for World Peace 2.0’ का लक्ष्य भोपाल से विश्व शांति की ऐसी पहल को आगे बढ़ाना है, जिसमें हर व्यक्ति अपने भीतर स्थिरता विकसित करने, व्यवहार में करुणा लाने और संपूर्ण सृष्टि के कल्याण में योगदान देने के लिए प्रेरित हो।