इंदौर में रोड साइड पार्किंग शुल्क पर सियासी घमासान: कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
इंदौर में रोड साइड पार्किंग शुल्क के प्रस्ताव पर सियासी घमासान तेज। कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम पर सवाल उठाते हुए फैसले के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी।
इंदौर शहर में रोड साइड पार्किंग को शुल्क लेकर वैध करने की कवायद पर सियासी घमासान तेज हो गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम और महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नवाचार के नाम पर इंदौर को हर क्षेत्र में अव्यवस्था की ओर धकेला जा रहा है।
सड़क से सदन तक विरोध की चेतावनी
ट्रैफिक, सड़क, चौराहों, निर्माण कार्यों और नगर निगम की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने महापौर के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस इस फैसले का सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से विरोध करेगी। दरअसल अब इंदौर शहर में रोड साइट पर खड़ी होने वाली गाड़ियों से भी पार्किंग शुल्क वसूली किए जाने का प्रस्ताव लाया गया है जिसे एम आई सी में मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है लिहाजा कांग्रेस ने इस नए प्रयोग का विरोध शुरू कर दिया है।
पार्किंग व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
चौकसे ने कहा कि शहर में मल्टीलेवल पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लोगों को वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे पार्किंग को शुल्क लेकर वैध करने की बात की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगों के मकान, संस्थान और व्यापारिक प्रतिष्ठान तोड़े जा रहे हैं, तब सड़क किनारे पार्किंग को मंजूरी देने की नीति आखिर किसके हित में है? कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकारी जमीनों पर अवैध कॉलोनियों और मकानों को वैध करने की चर्चाओं का जिक्र करते हुए भाजपा पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम में अन्याय, अत्याचार, अहंकार, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था चरम पर पहुंच चुकी है।
2000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का दावा
चौकसे ने दावा किया कि नगर निगम पर ठेकेदारों का 2000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। उन्होंने इसे निगम की बिगड़ती वित्तीय स्थिति का उदाहरण बताते हुए महापौर के विकास मॉडल पर सवाल उठाए। वहीं चौकसे ने गांधी हॉल, निगम कर्मचारियों की सेना जैसी वर्दी, सराफा चौपाटी और रीजनल पार्क से जुड़े फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम को पहले भी अपने निर्णय वापस लेने पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि रोड साइड पार्किंग का फैसला भी जनहित और न्यायसंगत नीतियों के अभाव में वापस लेना पड़ेगा।

