पेपर लीक और बेरोज़गारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र, इंदौर में निकाला कैंडल मार्च

मेहनत नहीं, सिस्टम पर उठ रहे सवाल, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन

पेपर लीक और बेरोज़गारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र, इंदौर में निकाला कैंडल मार्च

​इंदौर। देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोज़गारी के बीच युवाओं में भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। शनिवार शाम शहर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भोला राम उस्ताद मार्ग से टांट्या मामा प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकालकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। कैंडल मार्च के समापन पर भंवरकुआं चौराहे पर विद्यार्थियों ने मौन रखकर उन छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव और भविष्य की अनिश्चितता के बीच अपनी जान गंवाई।

लाखों युवाओं के विश्वास को गहरा आघात पहुंचा

कैंडल मार्च में शामिल छात्रों ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों ने लाखों युवाओं के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। सालों की कठिन मेहनत, आर्थिक संसाधन और समय लगाने के बावजूद यदि परीक्षा की निष्पक्षता ही संदेह के घेरे में आ जाए तो युवाओं का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। उनका कहना था कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे युवा वर्ग के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न बन चुका है।

​छात्रों ने कहा कि बीते कुछ सालों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े विवादों ने यह संदेश दिया है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों की अपेक्षा भ्रष्ट तंत्र अधिक प्रभावी दिखाई देता है। इसका सबसे अधिक असर उन लाखों युवाओं पर पड़ रहा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और अपने करियर को लेकर असमंजस तथा मानसिक दबाव में जीवन जी रहे हैं।

Gen Z रोजगार ही नहीं निष्पक्षता की मांग करता है

​मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश का Gen Z अब केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष अवसर और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहा है। युवाओं का आक्रोश किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती विवादों और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बढ़ता जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होगा तो इसका असर देश की प्रतिभा और भविष्य दोनों पर पड़ेगा।

​मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं ने सरकार और संबंधित संस्थाओं से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाया जाए, पेपर लीक और भर्ती घोटालों में शामिल पूरे नेटवर्क के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई हो तथा ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी मेहनत और योग्यता के आधार पर समान अवसर मिल सके। विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही ही युवाओं का विश्वास दोबारा स्थापित कर सकती है।

कांग्रेस का यह संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा

​इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यह सरकार केवल पेपर लीक और भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।

​केंडल मार्च में विधायक विक्रांत भूरिया, इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश घंगोरिया, युवा कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शिवि चौहान, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया, जिला समन्वयक एवं युवा कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव पुनीत सिंह पारिया, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया, प्रदेश NSUI संगठन प्रभारी रवि दांगी, प्रज्ञा फिलिप, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, युवा कांग्रेस इंदौर जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, पोर लाल खरते, पार्षद कुणाल सोलंकी, चेतन चौधरी, मोनिका मंडारे, nsui शहर अध्यक्ष रजत पटेल, अंकित दुबे, दानिश खान, शुभम दरबार, हितेश वर्मा, दिनेश कुशवाह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।