करंट के तार में फंसकर हुई बाघ की मौत, शव जंगल में दफन; वन विभाग ने शुरू की खुदाई

सतना के मझगवां वन परिक्षेत्र में करंट वाले तार में फंसकर बाघ की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए जंगल में दफन शव की खुदाई शुरू कर दी है।

करंट के तार में फंसकर हुई बाघ की मौत, शव जंगल में दफन; वन विभाग ने शुरू की खुदाई

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र से बाघ के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि करंट वाले तार की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई, जिसके बाद घटना को छिपाने के लिए उसके शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया है।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि करीब 5 से 6 दिन पहले बाघ का शिकार कर उसके शव को ठिकाने लगा दिया गया है। सूचना मिलते ही विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और इलाके में जानकारी जुटाई।

सूचना की पुष्टि होने के बाद 2 जुलाई को डॉग स्क्वॉड, उड़नदस्ता दल और मझगवां वन परिक्षेत्र के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। हालांकि लगातार बारिश और लैंटाना की घनी झाड़ियों के कारण बाघ का शव नहीं मिल सका।

इसी दौरान मुखबिर ने शिकार में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक स्थानीय चौकीदार की संलिप्तता की जानकारी दी। इसके बाद 3 जुलाई को दो चौकीदारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि करीब दो माह पहले जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से एक स्थानीय चौकीदार के परिवार के सदस्य ने जंगल में बिजली का तार बिछाया था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसी करंट वाले तार में फंसने से एक बाघ की मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले को छिपाने के लिए बाघ के शव को जंगल के भीतर गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

आरोपियों की निशानदेही पर डीएफओ मयंक चांदीवाल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, बाघ के अवशेष निकालने के साथ ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।