MP के 15 हजार डेंटिस्ट को बड़ी सौगात, 19 अगस्त से बीमा और सुरक्षा की 3 नई सुविधाएं

19 अगस्त 2026 से मध्य प्रदेश के करीब 15 हजार पंजीकृत डेंटिस्ट को नई सुरक्षा और डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना में ₹3 लाख तक का दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा, सुश्रुत सुरक्षा योजना में ₹10 लाख तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर और नया डिजिटल पंजीयन पोर्टल शुरू किया जाएगा।

MP के 15 हजार डेंटिस्ट को बड़ी सौगात, 19 अगस्त से बीमा और सुरक्षा की 3 नई सुविधाएं

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद प्रदेश के पंजीकृत दंत चिकित्सकों की सामाजिक एवं व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में नई पहल करने जा रही है। परिषद के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला के अनुसार प्रदेश में करीब 15 हजार डेंटिस्ट पंजीकृत हैं। इन चिकित्सकों के हित में 19 अगस्त 2026 को भोपाल में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर तीन महत्वपूर्ण योजनाओं और डिजिटल सुविधाओं का शुभारंभ किया जाएगा।

कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में दोपहर 12 बजे होने वाले कार्यक्रम में कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना, सुश्रुत सुरक्षा योजना और नवीन डिजिटल पंजीयन पोर्टल की शुरुआत प्रस्तावित है।

डेंटिस्ट को मिलेगा 3 लाख रुपये तक का दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा

डॉ. शुक्ला ने बताया कि कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश के पंजीकृत दंत चिकित्सकों को दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा का लाभ मिलेगा। योजना में करीब 3 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रस्तावित है, जिससे चिकित्सक और उनके परिवार को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

10 लाख रुपये तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर

दंत चिकित्सकों की व्यावसायिक सुरक्षा के लिए सुश्रुत सुरक्षा योजना भी शुरू की जा रही है। इसके तहत चिकित्सकों को 10 लाख रुपये तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर उपलब्ध कराने की योजना है। डॉ. शुक्ला के मुताबिक इससे उपचार के दौरान सामने आने वाली व्यावसायिक परिस्थितियों में चिकित्सकों को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।

इसके अलावा Tata AIG के माध्यम से बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। इसके लिए करीब 600 रुपये वार्षिक प्रीमियम की बात भी बताई गई है।

पांच साल तक वैध रहेगा पंजीयन

परिषद के अनुसार दंत चिकित्सकों का पंजीयन पांच वर्ष तक वैध रहेगा, जिसके बाद उसका नवीनीकरण कराया जा सकेगा। नए डिजिटल पंजीयन पोर्टल के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था में QR कोड की सुविधा भी प्रस्तावित है। इसके माध्यम से किसी डेंटिस्ट के पंजीयन और उसकी प्रामाणिकता की डिजिटल रूप से पुष्टि की जा सकेगी। साथ ही दंत चिकित्सकों का पंजीयन ABDM (Ayushman Bharat Digital Mission) से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

MP में नया नवाचार, विदेश से भी मरीज आने की उम्मीद

डॉ. चंद्रेश शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नए नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि बेहतर डिजिटल व्यवस्था, पंजीकृत विशेषज्ञों और आधुनिक दंत चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से भविष्य में देश के साथ विदेशों से भी मरीज मध्य प्रदेश में इलाज कराने के लिए आ सकते हैं।

प्रदेश में वर्तमान में 15 डेंटल कॉलेज होने की जानकारी भी दी गई। परिषद का उद्देश्य दंत चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ चिकित्सकों को सुरक्षित और व्यवस्थित पेशेवर वातावरण उपलब्ध कराना है।

हर साल करीब 1,500 नए डेंटिस्ट जुड़ रहे

परिषद से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में हर साल करीब 1,500 नए दंत चिकित्सक पंजीयन प्रक्रिया से जुड़ते हैं। ऐसे में डिजिटल पंजीयन और सुरक्षा योजनाओं को आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में चिकित्सकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

आयुष्मान योजना में माइनर सर्जरी को लेकर भी मुद्दा

डॉ. शुक्ला ने दंत चिकित्सा उपचार को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने को लेकर भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि माइनर सर्जरी जैसी दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं को आयुष्मान में शामिल करने में बेड पात्रता से जुड़ी समस्या सामने आती है। परिषद की ओर से इस तरह की व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि मरीजों को अधिक उपचार सुविधाओं का लाभ मिल सके।

डिप्टी सी.एम  राजेंद्र शुक्ला  और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी

कार्यक्रम में दंत चिकित्सकों से जुड़े जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। डॉ. शुक्ला ने बताया कि दंत चिकित्सकों के हितों से जुड़े मुद्दों को शासन स्तर तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

19 अगस्त को होने वाला यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के दंत चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार उनकी सामाजिक सुरक्षा, प्रोफेशनल सुरक्षा और डिजिटल पंजीयन को एक साथ मजबूत करने की दिशा में पहल सामने आ रही है।