मऊगंज में कागजों पर दौड़ा विकास : धरातल पर पसरा सन्नाटा, फरियाद दर फरियाद; निराकरण नदारद

Mauganj Gram Panchayat Scam : विकास के नाम पर सरकारी तिजोरी में सेंध, कागजों में नाडेप, खेत तालाब, पक्की नाली और धरातल पर सन्नाटा,अब अदालत की शरण में जाएगा पीड़ित

मऊगंज में कागजों पर दौड़ा विकास : धरातल पर पसरा सन्नाटा, फरियाद दर फरियाद; निराकरण नदारद

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज। 

मऊगंज जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कधवार में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं कागजों में दौड़ रही हैं और धरातल पर सन्नाटा पसरा है। नाडेप टांका, पशु शेड, खेत तालाब, पक्की नाली, शौचालय नवीनीकरण जैसे कार्य अभिलेखों में पूर्ण दर्शाकर राशि आहरित कर ली गई, जबकि मौके पर निर्माण का अस्तित्व ही नहीं है। 

ग्राम पंचायत में हुए तथाकथित घोटाले की शिकायत लेकर जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिकायतकर्ता ग्राम लोढ़ बड़ैया निवासी रामनरेश चतुर्वेदी द्वारा आठ बिंदुओं पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि स्वयं प्रार्थी की भूमि पर नाडेप टांका एवं शौचालय नवीनीकरण दर्शाया गया है।

इसी प्रकार मातादीन चतुर्वेदी, आशुतोष चतुर्वेदी, रामाधार कुशवाहा, शंकरदयाल कुशवाहा, कुदैशा साकेत, जगदीश धोबी, श्यामलाल कुशवाहा, रधिया कुशवाहा की भूमि पर भी नाडेप टांका निर्माण कागजों में दिखाकर भुगतान किया गया है।

इसी क्रम में संतोष झा की भूमि पर खेत तालाब निर्माण के नाम पर 86,435 रुपये मजदूरी का भुगतान मस्टर रोल से कर लिया गया, जबकि मौके पर गड्ढा तक नहीं है। अरुण पाण्डेय, छोटकी साकेत, पुष्पा द्विवेदी, सुनीता द्विवेदी की भूमि पर पशु शेड निर्माण दर्शाया गया है। मतदान केन्द्र कंधवार के नाम पर वेबल रोड मरम्मत के नाम पर 60,300 रुपये आहरित किये गये, जबकि वहां प्रधानमंत्री सड़क पूर्व से निर्मित है।

शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार सबसे बड़ा घोटाला जग्गी कोल के घर से पार्वती कोल के घर तक पक्की नाली निर्माण के नाम पर हुआ है, जिसमें 3,97,340 रुपये की राशि आहरित की गई, जबकि स्थल पर नाली का नामोनिशान नहीं है।

मोहम्मद रमजान के घर में शौचालय नवीनीकरण दिखाकर रामदयाल सोधिया दिव्यांग के नाम मस्टर से भुगतान दर्शाया गया है। जीवनलाल साकेत के घर के पास सोख्ता गड्ढा, तालाब, मेड़ बधांन एवं अमृत वाटिका कार्यों में भी इसी प्रकार की अनियमितता उजागर हुई है।

जनसुनवाई में लगाई न्याय के गुहार

ग्राम पंचायत में हुए तथाकथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कार्यवाही को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने 2024 से लेकर आज तक कई बार जनपद, कलेक्टर कार्यालय एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिकायत की, लेकिन परिणाम सामने नहीं आया, वहीं 181 की शिकायत को हर बार शिकायत को बिना जांच के बंद कर दिया गया।

इधर पीड़ित शिकायतकर्ता ने मंगलवार 26 सितंबर को कलेक्ट्रेट पहुंच कर जनसुनवाई में एक बार फिर आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई और स्पष्ट किया है कि जांच न होने पर वह न्यायालय की शरण लेगा।

शिकायतकर्ता की मांग है कि सक्षम अधिकारी द्वारा जियो टैग फोटो, माप पुस्तिका, मस्टर रोल एवं भुगतान वाउचर का भौतिक सत्यापन कराकर दोषियों के विरुद्ध विधि-सम्मत दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

युक्त मामले में जांच टीम गठित की गई थी, पूर्व में पदस्थ पंचायत सचिवों में से एक रिटायर्ड हो चुके हैं,दोनों सचिवों के कार्यकाल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पाया है, जिसके कारण अभी तक टीम द्वारा जांच प्रतिवेदन नहीं सौंपा गया हैं, एक सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन प्राप्त कर परीक्षण उपरांत विधि संगत कार्यवाही की जाएगी।

- परमानंद तिवारी, सीईओ, जनपद मऊगंज