भोपाल में चयनित प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, नियम-49 के तहत राहत की मांग

भोपाल में चयनित प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियम-49 और D.El.Ed पात्रता को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने 25 अगस्त 2025 की कटऑफ में राहत और दस्तावेज सत्यापन तक योग्यता मान्य करने की मांग की।

भोपाल में चयनित प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, नियम-49 के तहत राहत की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर से पहुंचे चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पैदल आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग D.El.Ed की पात्रता और भर्ती के नियम-49 को लेकर है। इससे पहले भी अगस्त में 10 हजार पदों वाली प्राथमिक शिक्षक भर्ती में चयनित एक हजार से अधिक अभ्यर्थी डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मेरिट में चयन होने के बावजूद दस्तावेज सत्यापन के दौरान उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।

क्या है पूरा विवाद?

अभ्यर्थियों के अनुसार वर्ष 2024 में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के करीब 10 हजार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। उनका दावा है कि आवेदन के दौरान नियम-49 के तहत D.El.Ed के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिला था और दस्तावेज सत्यापन तक आवश्यक योग्यता पूरी करने की बात कही गई थी।

बाद में विभाग की ओर से 25 अगस्त 2025 की कटऑफ को आधार मानते हुए ऐसे अभ्यर्थियों को अपात्र माना गया, जिनकी D.El.Ed की योग्यता निर्धारित तिथि के बाद पूरी हुई। यही निर्णय विवाद का मुख्य कारण बना हुआ है।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

- नियम-49 के तहत विशेष शिथिलता दी जाए।

- D.El.Ed की योग्यता को दस्तावेज सत्यापन की तारीख तक मान्य किया जाए।

- 25 अगस्त 2025 की कटऑफ को लेकर राहत दी जाए।

- मेरिट में चयनित लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान बाहर किए गए अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

- सरकार इस मामले में जल्द निर्णय लेकर नियुक्ति का रास्ता साफ करे।

पुलिस ने रोका, पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा

प्रदर्शन के दौरान जब अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और पांच शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को डीपीआई कमिश्नर से मुलाकात के लिए भेजा।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की कि उनके मामले में नियमों की स्थिति स्पष्ट करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

नियम-49 बनाम पात्रता नियम बना विवाद का केंद्र

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल आवेदन के समय बताए गए नियम और नियुक्ति के समय लागू की जा रही पात्रता शर्तों को लेकर है। अभ्यर्थी नियम-49 के आधार पर राहत मांग रहे हैं, जबकि विभागीय पक्ष में भर्ती नियमावली की अन्य पात्रता शर्तों का हवाला दिया गया है। यही विरोधाभास अब आंदोलन का मुख्य मुद्दा बन गया है।

अब देखना होगा कि सरकार और लोक शिक्षण संचालनालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और मेरिट में चयनित लेकिन D.El.Ed संबंधी पात्रता विवाद के कारण बाहर किए गए अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल करने को लेकर क्या रास्ता निकाला जाता है।